दया करुणा, ममता, भाईचारा ही प्रत्येक धर्म का मूल मंत्रः- स्वामी सत्यानंद महाराज
दारुम अल फारुकिया मदरसा में आयोजित किया गया ईद मीलादुन्नबी का कार्यक्रम
सिलवानी । हिंदु मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, फारसी सहित दुनिया का कोई भी धर्म बैर करने, हिंसा करनेे, दगा करने, लूटमार करने, धर्म के नाम पर आतंक फैलाने आदि तथाकथित देश विरोधी कार्य करने की सीख नही देता है। बल्कि दया करुणा, ममता, भाईचारा ही प्रत्येक धर्म का मूल मंत्र है। हजरत मोहम्मद ने लोगो के बीच ऊंच नीच मिटाने, दुनिया में शांति, सौहार्द व सद्भाव बनाए रखने का पैगाम दिया था। यह उद्गार स्वामी सत्यानंद महाराज ने व्यक्त किए। वह नगर के दारुम अल फारुकिया मदरसा में ईद मीलादुन्नबी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को सबोधित कर रहे थे। मुस्लिम त्यौहार कमेटी के द्वारा आयोजित किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सभी धर्म व समुदाय के लोगो ने शिरकत कर धार्मिक सद्भाव की मिसाल कायम की । कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती जाहिर रशीदी के द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम में मौलाना सैयद तौसिफ आलम नदवी मोहतमिम मदरसा सज्जादया अरबिया रानीमऊ लखनऊ तथामौलाना सैयद तौहीद आलम नदवी, साबिक उस्ताद दारुल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ नाजिम जामिआतुल इमाम लखनऊ ने भी अपनी तकरीर पेश की ।
उन्होने अपनी तकरीर में फरमाया कि सभी मजहव शांति व सद्भावना का संदेश देते है लेकिन कुछ फिरका परस्त लोग शांति रुपी समुंद्र में हिदु मुस्लिम की बात कर अशांति फैलाने व आपस में लड़ाने का कार्य करते हैं एैसे लोगो से सावधान रहना होगा। उन्होने सभी से शांति व सदभावना के साथ रहने व सामाजिक एकता को बनाए रखने का आव्हाण कर देश दुनिया की सलामती की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।



