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01 मार्च 2026 कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
“ॐ नम:शिवाय”
🔱 01 मार्च 2026 कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
🪙 हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना गया है। यह व्रत प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है, इसलिए इसे त्रयोदशी व्रत भी कहा जाता है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विधान है। साल 2026 में आमलकी एकादशी के बाद पड़ने वाले प्रदोष व्रत को लेकर लोगों में भ्रम है कि यह 28 फरवरी को है या 1 मार्च को। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, इस बार प्रदोष व्रत 1 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा।
⚛️ प्रदोष व्रत 2026 तिथि और मुहूर्त
🔹 प्रदोष व्रत: 1 मार्च 2026 (रविवार)
🔹 प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 06:21 बजे से 07:09 बजे तक* 🔹 त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 28 फरवरी 2026 को रात 08:43 बजे*
🔹 त्रयोदशी तिथि समाप्त: 1 मार्च 2026 को शाम 07:09 बजे* 🔹 चूंकि प्रदोष व्रत का पालन त्रयोदशी तिथि में प्रदोष काल के दौरान किया जाता है और 1 मार्च को प्रदोष काल में त्रयोदशी विद्यमान रहेगी, इसलिए व्रत 1 मार्च को मान्य होगा। 💁🏻‍♀️ प्रदोष व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत रखने से दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और समाज में प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से यह व्रत करता है, उसके जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। प्रदोष व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी माना जाता है जो मानसिक तनाव, अस्थिरता या जीवन में दिशा की कमी महसूस कर रहे हों।
🧾 प्रदोष व्रत की पूजा विधि

प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष विधान है।
*स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। *पूजा स्थान पर शिवलिंग स्थापित करें या मंदिर में दर्शन करें।
*बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, दीप, धूप और गंगाजल अर्पित करें। *शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाएं।
*शिव मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें। *प्रदोष व्रत कथा सुनें। अंत में आरती कर पूजा संपन्न करें। *इस दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना गया है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
👉🏼 प्रदोष व्रत 2026 में 1 मार्च, रविवार को रखा जाएगा। यह व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में
सुख-समृद्धि लाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया यह व्रत भक्तों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

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