दो साल में पड़ गई रिश्ते में दरार, समझाइश पर एक हुए पति-पत्नी
पति ने किया वादा नहीं करेगा झगड़ा, अब प्रेम से रहेंगे दोनों एक साथ
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। दो साल पहले हुई एक शादी में एक साल तक तो सब कुछ ठीक ठाक चला। लेकिन उसके बाद पति-पत्नी में लड़ाई-झगड़े और अनबन होने लगीं, शादी के दो साल होते-होते रिश्तेश।में ऐसी दरार पड़ गई कि पत्नी शिकायत लेकर थाने पहुंच गई। मामला परिवार परामर्श केन्द्र में आने पर दोनों को समझाइश देकर राजीनामा कराया गया। दोनों ने यह वादा किया कि अब वह झगड़ा नहीं करेंगे और प्रेम से एक साथ रहेंगे।
शहर के वार्ड क्रमांक 18 चौपड़ा मोहल्ला में रहने वाली एक युवती की शहर के ही तालाब मोहल्ले में रहने वाले एक युवक से करीब दो साल पहले शादी हुई थी। दोनों में एक साल तक सब कुछ ठीक रहा। लेकिन उसके बाद हालात बिगड़ने लगे। पत्नी द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि शादी के एक साल बाद पति उसके साथ मारपीट करने लगा, इसके अलावा वह देर रात तक घर से गायब रहता और दूसरी लड़कियों से फोन पर बात करता रहता। इसी बात को लेकर उनके बीच रिश्ते में दरार पड़ गई। परिवार परामर्श केन्द्र में दोनों समझाइश दी गई ।उन्हें अपने व अपने बच्चे के भविष्य को देखते हुए सही रास्ता चुनने के लिए कहा गया। जिस पर दोनों ने समझदारी का परिचय देते हुए एक साथ रहने का निर्णय लिया। उनके इस निर्णय की सभी ने प्रशंसा की तथा दोनों से अपनी गलतियां आगे न दोहराने का लिखित में वचन लिया गया।
बैठक में पांच प्रकरणों की सुनवाई हुई, जिसमें से दो में राजीनामा, एक में पक्षकारों को न्यायालय में जाने के लिए स्वतंत्र किया गया। वहीं दो प्रकरणों में एक पक्ष के अनुपस्थित रहने से उन्हें अगली सुनवाई में बुलाया गया है। परामर्श केंद्र की बैठक में एसडीओपी अदिति भावसार, अध्यक्ष कैलाश श्रीवास्तव, सलाहकार अशोक गुप्ता, चेतन राय, अनीता राजपूत, एएसआई अनिल वर्मा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण प्रसाद,आरक्षक लोकेंद्र मोर्य उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि एसपी विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन व एएसपी अमृतलाल मीणा के मागदर्शन में हर मंगलवार को एसडीओपी कार्यालय में परिवार परामर्श केंद्र की बैठक आयोजित की जाती है। जिसके माध्यम से पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति के सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
तलाक पर अड़ी रही पत्नी….
एक अन्य मामले में युवती की हठधर्मिता की चलते उसकी दो महीने पुराने शादी टूटने की कगार पर पहुंच गई। इस मामले में युवती सिर्फ दो दिन ही ससुराल में रही। उसका आरोप है कि पति ने उससे यह बोला कि वह उसके पसंद नहीं थी। लेकिन घरवालों की पसंद के कारण उसने शादी कर ली। इस बात को युवती ने इतना बड़ा मुद्दा बना लिया कि वह काफी समझाइश के बाद भी सिर्फ तलाक पर अड़ी रही। हालांकि इस प्रकरण में ऐसा भी आभास हुआ कि तलाक के मूल कारण का युवती उजागर नहीं करना चाह रही। इतनी छोटी की बात पर शादी तोड़ देना सिर्फ नादानी है। बहरहाल काफी समझाइश के बाद भी बात नहीं बनी तो दोनों पक्षों को न्यायालय में जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया गया।
नई जिंदगी की शुरुआत की याद में रोपा पौधा….
अपने भविष्य को लेकर सूझबूझ भरा निर्णय लेने पर जहां दंपत्ति को सभी सराहना मिली, वहीं उनके इस निर्णय की यादगार स्वरूप एसडीओपी कार्यालय में उनके एक पौधा भी लगवाया गया। इसके अलावा एसडीओपी अदिति भावसार परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्य व पुलिस विभाग के सहयोगियों ने भी कार्यालय परिसर में पौधरोपण किया।



