धार्मिक

धर्म आयतन से पाप करने वाले भयंकर दुर्गति को प्राप्त होते हैं- मुनि श्री सुधा सागर जी

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री समय सागर जी के शिष्य निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी एवं श्री प्रसाद सागर जी महाराज संघ सहित श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर की में विराजमान है। मुनि संघ के सानिध्य में प्रतिदिन विविध धार्मिक आयोजन में सैकड़ो लोग शामिल होकर धर्म लाभ वर्जित कर रहे हैं। दिगंबर जैन धर्मशाला में सोमवार को प्रातः धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने कहा कि पथ में रहने वाले लोग लूटते हैं किंतु पथ बदनाम हो जाता है इसी तरह धर्म करने वाले कुछ लोग गलत काम करते हैं और धर्म को बदनाम करते हैं। कुछ दुष्ट लोग धर्म के स्थानों पर भी पाप कार्य करने से बाज नहीं आते। धर्म आयतन से पाप करने वाले भयंकर दुर्गति को प्राप्त होते हैं। दुर्योधन जिसके पास सारी महाशक्ति थी संसार की सभी महारथी उसके पास थे तात श्री भी उसका साथ दे रहे थे वह उस समय संसार का सबसे पुण्यशाली व्यक्ति था किंतु एक दुर्गण से पापी आत्मा बन गया वह अपने से बड़ों को भी अपनी इच्छानुसार चलाना चाहता था वह सभी को अपनी इच्छा अनुसार लड़वाना चाहता था वह सोचता था सभी लोग मेरे लिए लड़ेंगे ऋषभदेव की गोदी में खेलने वाला पोता मरिच जगत का सबसे बड़ा पापी बना क्योंकि वह ऋषभदेव को अपनी इच्छा अनुसार चलाना चाहता था बड़ों की छाया मिले और उन्हें तुम अपने अनुसार चलाना चाहते हो तो तुम भी आज के दुर्योधन से कम नहीं हो इच्छा अनुसार कार्य करने से हमें पापी की संज्ञा प्राप्त होती है दुर्योधन कहता है मुझे आपसे चाहिए आप नहीं जबकि अर्जुन श्री कृष्ण से कहते हैं मुझे आप चाहिए आपसे नहीं दोनों की विचारधारा में बहुत अंतर है हमें विचार करना है की हमें मां-बाप से चाहिए या मां-बाप चाहिए हमें अपने भाई से चाहिए या भाई चाहिए पति से चाहिए या पति चाहिए सीता जी ने कहा था मुझे राम से नहीं चाहिए मुझे राम चाहिए और इसीलिए वे उनके साथ वनवास चली गई थी यही कारण है कि राम से पहले सीता का नाम लिया जाता है और सब सीताराम बोलते हैं। मंगलवार को प्रातः बेला में मुनि संघ सानिध्य में मुनि श्री पदम सागर जी का दीक्षा दिवस मनाया जाएगा।
मुनि संघ जटाशंकर के समीप गौशाला पहुचां- निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज एवं मुनि श्री प्रशाद सागर जी महाराज प्रातः काल जटाशंकर के समीप स्थित गौशाला का निरीक्षण करने पहुचे। गौशाला को और अधिक विकसित करने के लिए पदाधिकारियों को सुझाव दिए गौशाला में सेवा कर रहे कर्मचारियों को आशीर्वाद दिया। इस मोके पर कुंडलपुर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंघई, जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघई, आलोक पलंदी, सुनील वेजिटेरियन, रेशु सिंघई, गौरव जैन, पं अखिलेश जैन, प्रदीप शास्त्री, महेंद्र करुणा, पवन जैन, विकल्प जैन नरेंद्र शक्ति आदि की उपस्थिति रही।
मुनि संघ भाई जी एवं चौधरी मंदिर पहुचां- इसके पश्चात महाराज सिविल वार्ड भाई जी मंदिर पहुंचे जहां दर्शन उपरांत उन्होंने सिविल वार्ड में प्रस्तावित धर्मशाला एवं आश्रम की जमीन का निरीक्षण किया। इसके पूर्व मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने चौधरी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए तथा यहां प्रस्तावित धर्मशाला भूमि का निरीक्षण का आशीर्वाद दिया।
इन परिवारों को मिला आहारचार्य का सौभाग्य- सोमवार को निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य पंडित प्रदीप शास्त्री मुनि श्री प्रसाद सागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघई मुनि श्री पदम सागर जी को पंडित सुरेश शास्त्री मुनि श्री शीतल सागर जी को शैलेंद्र मयूर परिवार को गंभीर सागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य महावीर टेंट हाउस परिवार को प्राप्त हुआ।

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