धनतेरस पर 30 फीसदी बिक्री से व्यापारी मायूस, बाजार में रौनक नही
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । व्यापारियों को धनतेरस पर अच्छा व्यापार चलने की उम्मीद थी लेकिन दीपावली को लेकर लोगों में उत्साह जरूर है अपितु खरीदारी सोच समझकर किए जाने से कोरोना काल से पहले के मुकाबले 30 फीसदी ही व्यापार चलने से व्यापारियों में मायूसी छाई हुई है। धनतेरस और दीपावली की खरीदारी पर महंगाई का असर दिखने लगा है । लोग सोच समझकर बाजार में खरीदारी कर रहे हैं । अमूमन दीपावली के 1 सप्ताह पहले से बाजार में खरीदारों की अच्छी भीड़ जुटती थी मगर इस वर्ष महंगाई और सोयाबीन, उड़द, धान आदि फसल अत्यधिक वर्षा के कारण खराब जाने से बाजार में लोगों की भीड़ काफी कम है। लोग कम पैसे में ही खरीदारी करने की सोच रहे हैं । हालांकि छठ महत्वपूर्ण पर्व है । जरूरी सामानों की तो खरीद हो रही है मगर जिस हिसाब से प्रत्येक साल खरीदारी होती थी उस हिसाब से इस वर्ष खरीदारी नहीं हो रही। अधिकांश लोग मिट्टी के दिए और फैंसी लाइटों से अपने घर पर दीपावली की रोशनी करते हैं मगर इस बार उस बाजार में भी कमी देखी जा रही है । इस वर्ष बाजार से चायनीज लाइट लगभग गायब हैं। उनकी जगह स्वदेशी लाइटों ने ले ली । इसी प्रकार मिट्टी के दीयों की भी डिमांड है मगर उनकी भी काफी सोच समझकर खरीदारी की जा रही है । इस बार दुकान और घरों में काफी कम रंग रोगन देखने को मिल रहा है । अधिकांश दुकानदार दुकानों को धोकर पोंछ रहे । सिफ नई दुकान वाले ही दुकानों में रंग पेंट करा रहे हैं।
वर्तनी व्यापारी सुरेश ताम्रकार, वाहन विक्रेता गिरीश सक्सेना का कहना है कि इस वर्ष फसलें चौपट हो गई इसलिए खरीदारी पर असर पड़ा है। हर वर्ष सोयाबीन की फसल अच्छी आने से किसान पैसे खर्च करते थे। मगर इस वर्ष गेहूं की फसल आने तक इसी पैसे से काम चलाना है इसलिए सोच समझकर आवश्यक वस्तुएं खरीदी जा रही हैं । कपड़ा व्यवसाई मनीष सिंघई, रेडीमेड वस्त्र विक्रेता सुनील जैन ने बताया कि छठ के लिए सिर्फ साड़ियों की जरूरी खरीदारी ही की जा रही है। हालांकि छठ के बाद लग्न भी है मगर अभी लग्न की खरीदारी नहीं हो रही है। इसी प्रकार मोबाइल दुकानदार निक्की जैन, शफीक अली ने बताया कि पूर्व के वर्षों में धनतेरस के दिन अच्छी मोबाइल बिक्री हो जाती थी मगर इस वर्ष इतनी डिमांड नहीं है । हो सकता है दीपावली तक कुछ मोबाइल बिक जाए। किराना के सामानों में भी लोग 5 किलो की जगह 1 किलो सामान लेकर ही किसी प्रकार अपना काम चलाने की सोच रहे हैं।
सोना चांदी व्यापारी संतोष जैन, अक्षय जैन सर्राफ ने बताया कि सोना चांदी की बिक्री भी पूर्व वर्षों के मुकाबले बहुत ही कम हो रही है लोग जरूरत के मुताबिक ज्वेलरी खरीद रहे हैं आज धनतेरस पर बहुत कम ग्राहकी हो रही है उम्मीद थी कि धनतेरस पर अच्छी बिक्री होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार कर रहे हैं और सिर्फ इन्तजार ही कर रहे हैं। आलम यह है कि भगवान् की मूर्तियों की बिक्री भी पहले से काफी कम हैं। यही हाल सजावटी सामान भी लोग जरूरत के मुताबिक थोड़ा बहुत खरीद कर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं पटाखा बाजार में भी सन्नाटा छाया हुआ है।
धनतेरस पर जैसी की उम्मीद थी उसके विपरीत बिक्री होने से व्यापारियों में मायूसी है 30 प्रतिशत के करीब ग्राहकी होने से बाजारों में ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं है शहर के गांधी बाजार एमपीआर रोड पर धनतेरस के दिन पैदल निकलना दूभर होता था आज आलम यह है कि चार पहिया वाहन आसानी से निकल रहे हैं।



