क्राइम

नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसके साथ गैंग रेप करने वाले दरिंदों को सुनाई अंतिम सांस तक कारावास की सजा

आरोपियों पर ठोंका 14-14 हजार रुपये का जुर्माना
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । जिले के माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, तहसील गौहरगंज द्वारा आरोपी रामप्रसाद, सुनील को पुलिस थाना गौहरगंज के नाबालिग लड़की को अगुवा और गैंगरेप के मामले में दोषी पाते हुए आरोपियों को शेष प्राकृतिक जीवन तक अंतिम सांस के आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।वहीं इन वह सी दरिंदों को 14000-14000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।इस मामले में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार तिवारी गौहरगंज ने पैरवी की।
अभियोजन के मुताबिक पीडित बालिका 13 मई 2020 को देर रात करीब 2 बजे अपने घर के आँगन में नीचे सो रही थी। उसका भाई ऊपर पलंग में सो रहा था। अचानक से किसी ने उसका मुंह दबाया और कान के पास मुंह लगाकर उससे बोला कि तू चिल्लाना मत और चुपचाप हमारे साथ चल । उसने आँख खोली और देखा तो वह उसके गाँव का रामप्रसाद था । जिसने उसका मुंह दबाया था और साथ मे विमल और सुनील भी थे। वे तीनों उसे जबरदस्ती उसके घर के पीछे नदी के पास ले गए वहाँ पर रामप्रसाद ने उसे जमीन पर पटककर उसकी मर्जी के बिना जबरदस्ती उसके साथ गलत काम (दुष्कर्म) किया ।सुनील और विमल ने उसका सीना दबाया। वह चिल्लाने लगी तो तीनों उससे बोले कि ज्यादा चिल्ला चोंट की तो जान से खत्म कर देंगे । वह बहुत डर गई थी फिर तीनों उसे वहीं छोडकर भाग गए। वह जैसे तेसे अपने घर वापस आई और डर के मारे उसने अपने भाई को भी कुछ नहीं बताया और पलँग पर सो गई थी फिर दूसरे दिन उसके मामा और उसकी नानी भोपाल से वापस आए तो उसने उन्हें बीती रात की आपबीती घटना की बात बताई।फिर अपने मामा को साथ लेकर रिपोर्ट करने गौहरगंज थाने गई। गौहरगंज थाने में अभियुक्तगण के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान किया गया ।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और अनुसंधान पूरा कर उनके विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया था।
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक तिवारी ने पक्ष रखते हुए अभियोक्त्री के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत कराते हुए मामले को संदेह से परे प्रमाणित कराया। फलस्वरूप गौहरगंज कोर्ट ने आरोपी रामप्रसाद आदिवासी,सुनील के विरूद्ध 16 वर्ष से कम आयु की नाबालिग लडकी का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का अंजाम के आरोप को प्रमाणित पाते हुये दोनों अभियुक्तगण को आजीवन कारावास जिसका तात्पर्य शेष जीवनकाल के लिए कारावास होगा, से दंडित किया । साथ ही इस गैंगरेप की घटना से जुड़े सभी मुल्जिमों को 14000-14000 रूपये के अर्थदण्ड से भी दंडित किया। जिसकी संपूर्ण राशि पीडित बालिका को दिये जाने का आदेश दिया। इस प्रकरण का एक अन्य आरोपी विमल निर्णय के कुछ समय पूर्व फरार हो गया था ।जिसकी गिरफ्तारी के लिए स्थायी वारंट जारी किया गया है।

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