मध्य प्रदेश

पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया पर भी चल रहा प्रचार, उम्मीदवार हाइटेक प्रचार रथों में गानों के सहारे, चले गांव सरकार के द्वारे

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । चुनाव चाहे कोई भी हो, लेकिन स्लोगन और नारे अपनी अलग एहमियत रखते हैं। चुनावों के शोर में नारों का जोर तेजी से गूंजता रहा है। चुनाव प्रचार का हाईटेक रथ का सहारा बनने वाले नारे अब गीत बनने लगे हैं। इस पंचायत चुनाव में जहां सोशल मीडिया पर प्रचार का सहारा लिया जा रहा है।वहीं देशभक्ति गीत भी लोगों की जुबां पर छाए हुए हैं। पंचायत चुनाव में मैदान में उतरे उम्मीदवार गाडिय़ों पर लाउडस्पीकर लगा प्रचार के गीत चला रहे हैं।
चुनावी नारे और स्लोगन ही मतदाताओं को रिझाते रहे हैं। विभिन्न नारे ऐसे रहें जो दिमाग को सोचने को मजबूर कर देते हैं। अतीत का चुनाव रहा हो या वर्तमान में रहा चुनाव। हर चुनाव में नारों ने चुनावी बाजी पलटने में अहम भूमिका निभाई है। आज भी पुराने नारों को याद कर बुजुर्ग रोमांचित हो उठते हैं। नारों के साथ- साथ कविताएं भी प्रचार का माध्यम बनीं तो अब गीत भी प्रचार का सहारा बन रहे हैं। आम जनता की जुबां पर नारे ऐसे रट जाते थे कि रात-दिन उनका शोर सुनाई देने लगता था। अतीत के तमाम नारे तो ऐसे थे जो आज भी लोगों को भुलाए नहीं भूलते।
गाड़ियों पर भोंपू लगा सुना रहे गीत…
पंचायत चुनाव में उतरे प्रत्याशी …
जहां घर-घर दस्तक देकर वोट मांग रहे हैं वहीं गाडिय़ों पर भोंपू लगा गांव में अपने प्रचार के गीत भी ग्रामीणों को सुना रहे हैं। कोई विकास को लेकर तो कोई गांव का बेटा होने का दम गीतों के माध्यम से प्रचार कर भर रहा है।

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