पवित्र अस्थि कलश की पूजा अर्चना के साथ ही महाबोधि महोत्सव का शुभारंभ
रायसेन। रायसेन के साँची में पवित्र अस्थि कलश की पूजा अर्चना के साथ ही शुरू हुआ महाबोधि महोत्सव दूर देशों से आये है भगवान बुद्ध के अनुयायी।
विश्व प्रसिद्ध स्थल सांची में आज दो दिवसीय 70 वें महाबोधि महोत्सव का आयोजन भगवान बुद्ध के परम शिष्य सारीपुत्र महामोदग्लायन की पवित्र अस्थियों की विशेष पूजा.अर्चना के साथ शुरू हुआ।सांची स्तूप परिसर के समीपस्थ चैत्यगिरि विहार मंदिर के तलघर से भगवान बुद्ध के परम शिष्य सारिपुत्र महामोदरलायन की अस्थियों को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बाहर निकाला गया और विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके पश्चात पवित्र अस्थि कलश की स्तूप क्रमांक एक की परिक्रमा कराई गई। वहीं इस विशेष पूजा अर्चना के दौरान देश विदेश के बौद्ध धर्म के श्रद्धालु मौजूद रहे। महाबौघि महोत्सव को लेकर चैत्यगिरि विहार मंदिर की आकर्षक रंग बिरंगे फूलों से विशेष साज सज्जा की गई। कार्यक्रम में शामिल हुए विद्वानों ने भगवान बुद्ध के शांति के संदेश को जीवन में आत्मसात किए जाने की प्रेरणा दी।




