क्राइम

पिता-पुत्री आत्महत्या मामला: मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से फोन पर की बातचीत, बुलाया भोपाल

सीएम ने कहा- मैं आपके साथ खड़ा हूं जो भी संभव मदद हो सकेगी दी जाएगी
पुलिस कार्यवाही पर उठ रहे सवाल
रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
विदिशा। एमपी के विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र के ग्राम दुपारिया में धीरेंद्र गोस्वामी और उनकी बेटी रक्षा गोस्वामी द्वारा आत्महत्या करने का मामला जोर पकड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतक की पत्नी कमर बाई और बेटे अभिषेक से मोबाइल फोन पर बात की और उन्हें हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। सोमवार को शमशाबाद विधायक राजश्री सिंह अधिकारियों के साथ गांव पहुंची और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से पीड़ित परिवार की बात कराई। विधायक सिंह ने पीड़िता कमर बाई को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि छेड़छाड़ से तंग आकर डेढ़ महीने पहले दुपारिया निवासी रक्षा गोस्वामी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। वहीं कार्रवाई नहीं होने और आरोपियों द्वारा धमकाने के कारण पिछले गुरुवार को रक्षा के पिता धीरेंद्र गोस्वामी ने भी फांसी लगाकर अपनी जान दे थी इसी के अगले दिन ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम किया था। इससे पहले रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने फोन पर पीड़ित परिवार से बात की थी और मदद का भरोसा दिलाया था।
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सीएम बोले- मामा आपके साथ है
सीएम शिवराज ने मृतक धीरेंद्र गोस्वामी के बेटे अभिषेक से फोन पर बात करते हुए कहा कि, बेटा चिंता मत करो, मामा आपके साथ है। इस मामले में पूरा न्याय करेंगे, परिवार की मदद कर फिर खड़ा करेंगे। उन्होंने पीड़ित परिवार को भोपाल सीएम हाउस में आमंत्रित करते हुए कहा कि आप लोग भोपाल आ जाओ। जो भी जरूरत होगी, उसे हम पूरा करेंगे। उन्होंने दोहराया कि वे पीड़ित पक्ष की हर संभव मदद करेंगे।
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ये था पूरा मामला
पुलिस थाना नटेरन अंतर्गत ग्राम दुपारिया में छेड़छाड़ से तंग आकर 25 मई को आत्महत्या करने वाली बिटिया रक्षा गोस्वामी के 55 वर्षीय पिता धर्मगिरी गोस्वामी ने भी गुरुवार को फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
जानकारी के अनुसार ग्राम दुपारिया की बिटिया रक्षा गोस्वामी ने गांव के सुदीप धाकड़ सहित अन्य बदमाशों से करीब डेढ़ महीने पहले छेड़छाड़ से प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर ली थी। रक्षा ने आत्महत्या के पहले सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उसने प्रताड़ना और परेशान करने वाले आरोपियों के नाम भी लिखे थे। दरअसल नटेरन पुलिस ने नेताओं के प्रभाव में आकर आरोपियों का बचाव करते हुए छेड़छाड़ के मामले को गंभीरता से लेने की जगह उलटे रक्षा गोस्वामी को खरीखोटी सुना दी थी। पुलिस ने कहा था कि अच्छा कॉलेज में पढ़ती हो तो ऐसी घटनाएं तो होंगी और पुलिस ने बिटिया रक्षा के परिवार पर ही कुछ मामला बना दिया था। छेड़छाड़ और इतने पर ही पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर रक्षा ने आत्महत्या करते हुए आरोपियों के नाम तक लिखे थे। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सुदीप धाकड़ के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जेल भिजवा दिया था। लेकिन अभी कुछ दिन पहले आरोपी जमानत में आ गया है। इसके बाद से ही धीरेंद्र गोस्वामी काफी परेशान थे और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से दुखी भी थे। पिता ने जब बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठाई तो पुलिस ने उनका एफआईआर तक दर्ज नहीं किया। वहीं आरोपियों ने उन्हें धमकी भी दी थी, जिससे परेशान होकर पिता धीरेंद्र गिरि ने भी गुरुवार 6 जुलाई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली । दो मौतों के बाद परिजनों ने जब हंगामा किया तब जाकर पुलिस के कान पर जूं रेंगीं।

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