पीजी कॉलेज की मांग को लेकर विधार्थी परिषद ने किया विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी के साथ फूंका पुतला

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। तहसील मुख्यालय गैरतगंज में पीजी कॉलेज खोले जाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं संगठन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन भी किया। मालूम हो कि गैरतगंज तहसील मुख्यालय पर शासकीय पीजी कॉलेज की कमी लंबे अरसे से महसूस की जा रही है। जिससे स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र छात्राओं को पीजी क्लास तक की पढ़ाई करने दूसरे बड़े शहरों की तरफ रुख करना पड़ता है। जिससे छात्रों और अभिभावकों की समय धन की बर्बादी हो रही है। जिले की गैरतगंज एक बहुत बड़ी तहसील है ।यहां के कॉलेज में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी अधिक है ।यहां के आसपास के गांव के विद्यार्थी भी पढ़ने आते है । गैरतगंज में पीजी कॉलेज ना होने के कारण कुछ विद्यार्थी या तो रायसेन या सागर पीजी की पढ़ाई करने चले जाते है या फिर सिर्फ यूजी करके पढ़ाई छोड़ देते है ।जिनमे छात्राओं की संख्या अधिक है छात्र तो जैसे तैसे पढ़ने बाहर चले जाते है । परंतु छात्राएं कई समस्याओं के कारण नही जा पाती और उनकी पढ़ाई यूजी तक ही रह जाती है
विधार्थी परिषद के जिला संयोजक अंकित पटेल, शुभम उपाध्याय ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी लगातार कई दिनों से गैरतगंज शासकीय महाविद्यालय को पीजी करवाने की लेकर मांग कर रहे है। परंतु इस ओर शासन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं गया है। एबीवीपी के नेताओं कार्यकर्ताओं ने पिछले दिनों में कई ज्ञापन दिए। परंतु ना ही प्रशासन इस ओर ध्यान देता है और न ही शासन।
एक तरफ हम शिक्षा में नए नवाचार की बात करते है । वहीं दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था के लिए कोई प्रयास नहीं करते है । जब एबीवीपी के कार्यकर्ता और विद्यार्थियों ने इस विषय पर मांग उठाई तो गैरतगंज के तहसीलदार ने छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया था। उनके घरों पर फोन करके उनको धमकाया जा रहा है कि वो ज्ञापन और आंदोलन ना करें।
एबीवीपी के जिला संयोजक और जिला एसएफडी प्रमुख संयम सराठे का कहना है कि छात्रों की मांगो को उठाना गलत नही है। इसलिए गैरतगंज प्रशासन और तहसीलदार इस प्रकार का काम न करें नही तो कलेक्टर और तहसीलदार हालातों को संभाल नही पाएंगे।
यदि शासन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।



