मध्य प्रदेश

पुरानी पेंशन बहाली, वरिष्ठता सहित अनेक मांगो को लेकर राज्य शिक्षक संघ म प्र ने किया धरना प्रदर्शन

हजारों की संख्या में भोपाल पहुंचे असंतुष्ट शिक्षक
मांग पूरी कराने दिल्ली तक जाने की घोषणा

भोपाल ।  सरकारी नोकरी का वजूद पुरानी पेंशन और सेवानिवृत्ति के बाद जीवन जीने का एकमात्र सहारा पेंशन जिसे सरकार ने 2005 के बाद के कर्मचारियों को देना बंद कर दिया है उसी की जस की तस बहाली और प्रथम नियुक्ति दिनाँक से वरिष्ठता सहित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर रविवार को भोपाल के अंबेडकर पार्क में प्रदेश भर के शिक्षकों ने जमकर प्रदर्शन किया।राज्य शिक्षक संघ के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में हजारों की संख्या में महिला शिक्षिका भी सम्मिलित हुई।संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव ने सरकार के अड़ियल रवैये को निशाना बनाते हुए मांग पूरी होने तक के लंबे आंदोलन की घोषणा की।अनवरत चलने वाले आंदोलन के क्रम में नए वर्ष में जनवरी माह में देश की राजधानी दिल्ली में धरने की चेतावनी भी शिक्षकों ने दी।

1119 रु में महीना गुजारे मुख्यमंत्री-मंत्री
संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव ने वर्तमान में चल रही नई पेंशन नीति को कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि जबलपुर जिले के एक शिक्षक द्वारका परौहा को 20 वर्ष 6 माह की नोकरी के बाद मात्र 1119 (एक हजार एक सौ उन्नीस)रु पेंशन मिल रही है।इतनी लंबी सेवा के बाद जब 62 वर्ष के हुए तो ऐसी स्थिति बनाने वाली सरकार बताए कि इतने पैसों में जीवन कैसे जिया जाए।प्रांताध्यक्ष ने आह्वान किया कि माननीय मुख्यमंत्री और उनके मंत्रीगण 1119 रु में महीना गुजार के दिखाएँ। संघ ने मांग की कि सरकार नई पेंशन नीति को बंद कर पुरानी पेंशन नीति को बहाल करें।संघ ने अन्य राज्यो छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड के उदाहरण भी सामने रखे।
प्रथम नियुक्ति दिनाँक से वरिष्ठता:-
अध्यापक संवर्ग को जुलाई 2018 से राज्य शिक्षा सेवा में नियुक्त किया गया है।परंतु इस नवीन गठन में वरिष्ठता के निर्धारण में पुरानी सेवाओ की गणना को लेकर अनिश्चितता चार साल से जस की तस है।संघ ने चेतावनी दी कि सेवाओं की गणना में पूर्व की समस्त सेवाओ को शामिल करना होगा।सरकार अपने वादे के मुताबिक प्रथम नियुक्ति दिनाँक से वरिष्ठता के आदेश तुरंत जारी करे।जिससे विगत 2-3 वर्षों से लंबित क्रमोन्नति के आदेश जारी हो सकें।
कब होगी पदोन्नति:-
राज्य में न्यायालय के नाम पर अनावश्यक रूप से पदोन्नति का लाभ नही दिया जा रहा है।सरकार स्तर पर इसका हल निकालने गठित कमेटी सिर्फ बैठके कर रही है।सरकार में इच्छा शक्ति की कमी के चलते पदोन्नति और क्रमोन्नति जैसे जायज विषयों पर भी कर्मचारियों को आंदोलन करना पड़ रहा है।सरकार पदोन्नति का हल निकाले और जिन्हें पदोन्नत नही कर पा रही उन्हें उच्च पदनाम का लाभ दिया जाए।
ग्रेज्युटी का लाभ ही नही:-
वित्त विभाग द्वारा NPS धारी समस्त शासकीय कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति और मृत्यु पर ग्रेज्युटी का लाभ दिए जाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं परंतु एक भी सेवा में मृत राज्य शिक्षा सेवा के शिक्षक को ग्रेज्युटी का लाभ प्रदान नही किया गया।आवेदन देने पर सेवा में नियुक्ति की तिथि 01.07.2018 बताकर लिखित रूप में आवेदन निरस्त किये जा रहे है।
अनुकंपा नियुक्ति पर शर्ते अमानवीय:-
शासकीय कर्मचारी की मृत्यु पर आश्रित को अनुकंपा जैसे मानवीय पक्ष में तमाम शर्ते जोड़ना अमानवीय है।शिक्षक की मृत्यु पर आश्रित के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के साथ डी एड/बी एड और शिक्षक पात्रता परीक्षा की बाध्यता न्यायसंगत नही है।इसी तरह विभाग ने प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अनुकंपा का रास्ता तो निकाला पर दिनाँक 01.02.2021 को जारी आदेश अगले दो माह बाद ही अधिकारियों द्वारा रोक दिया गया।सरकार इन जटिलताओं को दूर कर आगामी 30 दिनों में एक विशेष अभियान चलाकर मृतक सभी शिक्षकों और अध्यापकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करे।
3 वर्ष परिवीक्षा और पूर्ण वेतन न देना गलत
सरकार द्वारा नवनियुक्त शिक्षकों को तीन वर्ष परिवीक्षा और वर्षवार वेतन दिया जा रहा है। जब नियुक्त शिक्षक पहले से दो वर्ष से अधिक डी एड/बी एड करने में गुजार चुका है तो उसे पूर्ण काम का पूर्ण वेतन नियुक्ति तिथि से ही मिलना चाहिए।इसी तरह 3 वर्ष की परिवीक्षा एक बहुत लंबी अवधि है इसे घटाकर 2 वर्ष किया जाए।
अनवरत आंदोलन की घोषणा :- प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव ने मांगे पूरी होने तक अनवरत आंदोलन की घोषणा की।घोषित आंदोलन में आगामी 13 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रदेश के जिलों में पेंशन सत्याग्रह न्याय यात्रा निकाली जाएगी।इसी दौरान 16 अक्टूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को जिला एवं ब्लॉक स्तर पर राजनात्मक कार्यक्रम आयोजित कर जन समर्थन जुटाया जाएगा।एक दिसंबर से 24 दिसंबर तक भोपाल में प्रदेश के दो-दो जिले आकर लगातार 25 दिनों तक धरनारत रहेंगे। इसके बाद भी सरकार नही मानी तो नए वर्ष में जनवरी के माह में राजधानी दिल्ली में विशाल रैली निकाली जाएगी।
            आंदोलित शिक्षकों ने धरना स्थल पर जमकर नारो के माध्यम से सरकार को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा कि राज्य शिक्षा सेवा के शिक्षक संवर्ग के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।प्रत्येक स्तर पर दिए जा रहे आवेदनों पर ध्यान ही नही दिया जा रहा।विवश होकर राज्य शिक्षक संघ म प्र ने विगत 5 सितंबर को प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर 25 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर सरकार और विभाग का ध्यानाकर्षण चाहा।पर हालात जस के तस है विवश को आज 9 अक्टूबर को भोपाल के अंबेडकर पार्क में प्रदेश भर के शिक्षक एकत्रित हो अपनी बात सरकार के समक्ष रख रहे है।

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