क्राइम

पुलिस को मिला चैन सिंहः वनकर्मी बनकर घूमता था गैंगरेप का आरोपी 10 माह से दे रहा था चकमा

सफलता : सिलवानी के हॉस्टल में चोरी करते धरा गया, 30 हजार का इनाम घोषित था
मददगारों पर शिकंजा कसा तो बाहर आया
सिलवानी ।
सागर के जंगल में जीजा से मारपीट कर साली का अपहरण और गैंगरेप के आरोपी कुख्यात बदमाश चैनसिंह लोधी को को सिलवानी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उसे सागर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने उसके मददगारों पर शिकंजा कसा तो आरोपी खाने के लिए जंगल से बाहर निकला और पकड़ा गया। गैंगरेप का मुख्य आरोपी चैनसिंह लोधी रायसेन जिले के सिलवानी में हॉस्टल में चोरी करने के लिए घुसा था।जहां घेराबंदी कर लोगों ने धरदबोचा। वो 5 मई 2022 को गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार था। आरोपी जैसीनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश भी है और जंगल का जानकार। वह पहले भी जंगल में फरारी काटता रहा है।
कुख्यात आरोपी चैनसिंह ठाकुर 10 महीने से पुलिस को घने जंगल के बीच छका रहा था। पुलिस की 10 टीमें जंगल की खाक छान रही थी। पुलिस को उसके मददगारों की जानकारी मिली तो उनपर शिकंजा कसा। आरोपी तक मदद पहुंचना बंद हो गई। वह तीन दिन से भूखा था। ऐसे में वह जंगल से बाहर आया और खाने का सामान चुराने लगा। वो सिलवानी के हॉस्टल में चोरी करने घुसा तो दरवाजे पर लगे अलार्म बजने के कारण पकड़ा गया।

गैंगरेप का आरोपी चैनसिंह सियरमऊ के जंगल में इस तरह ठिकाना बनाकर रह रहा था। उसके मददगार उसे खाने का सामान पहुंचा दिया करते थे। पुलिस ने मददगारों पर शिकंजा कसा तो चैनसिंह को जंगल से बाहर आना पड़ा। गैंगरेप का आरोपी चैनसिंह सियरमऊ के जंगल में इस तरह ठिकाना बनाकर रह रहा था। उसके मददगार उसे खाने का सामान पहुंचा दिया करते थे। पुलिस ने मददगारों पर शिकंजा कसा तो चैनसिंह को जंगल से बाहर आना पड़ा।
सियरमऊ के घने जंगल में बना रखा था ठिकाना
हिस्ट्रीशीटर चैनसिंह बेहद शातिर अपराधी है। वह जंगल के चप्पे-चप्पे को अच्छी तरह से जानता है। सागर समेत रायसेन जिले की बॉर्डर से लगे जंगल में फरारी काट रहा था। इस दौरान उसने अपना नया ठिकाना सियरमऊ के दुर्गम जंगल में बना रखा था। उसने वन चौकी से फॉरेस्ट गार्ड की टोपी भी चुराई थी। ये टोपी लगाकर वह जंगल और आसपास के गांवों में घूमता रहता था। खुद को वनकर्मी बताकर अपनी जरूरत की सामग्री ले लेता था।
लकड़ी बीनने जंगल भेजे मुखबिर तो मिला ठिकाना…..
पुलिस सूत्रों के अनुसार चैनसिंह की तलाश में कई बार दबिश दी, लेकिन वह भाग जाता था। उसका मुखबिर तंत्र पुलिस से भी मजबूत था। इस बार पुलिस ने अपने मुखबिरों की टीम को लकड़ी बीनने के लिए जंगल भेजा। लकड़ी बीनने की आड़ में वह चैनसिंह के ठिकाने की तलाश करते रहे। इसी बीच उन्हें आरोपी सियरमऊ के जंगल में नजर आया। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था। पुलिस को पुख्ता सूचना मिलने पर दबिश की योजना बनाई गई। टीमों ने जंगल में दबिश दी तो चैनसिंह का मददगार आरोपी गुड्डा ठाकुर मिला। साथ ही मौके से बड़ी मात्रा में विस्फोटक और 12 बोर का कट्‌टा समेत टार्च लाठी छुरी चाकू सहित अन्य सामग्री बरामद हुई।
गैंगरेप के आरोपी चैनसिंह ने वनकर्मी की टोपी चुराई थी। वो इसे पहनकर जंगल में घूमता था। आसपास के गांवों में जाकर खुद को वनकर्मी बताता और जरूरत की चीजें मांगकर ले आता था।
गैंगरेप के आरोपी चैनसिंह ने वनकर्मी की टोपी चुराई थी। वो इसे पहनकर जंगल में घूमता था। आसपास के गांवों में जाकर खुद को वनकर्मी बताता और जरूरत की चीजें मांगकर ले आता था।
जैसीनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है चैनसिंह लोधी उसके ऊपर 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है।
डीआईजी तरुण नायक ने बताया कि चैन सिंह के ठिकाने से भारी मात्रा में डेटोनेटर, वन कर्मी की टोपी, एक देशी कट्टा, कुल्हाड़ी व गुलेल मिली है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। यहां बता दें कि 5 मई 2022 को वह युवती को अगवा करके जंगल में ले गया था। कट्टा दिखाकर उससे गैंगरेप किया था। वारदात से सनसनी फैल गई थी। आईजी व एसपी तक जंगल में उसकी तलाश के लिए पहुंचे थे।
बदमाश चैन सिंह पर 15 से ज्यादा अपराध दर्ज हैं। आईजी सागर ने गिरफ्तारी पर 30 हजार का इनाम रखा था। जब्त डेटोनेटर कहीं से चुराने का संदेह है। एडिशनल एसपी बीना ज्योति ठाकुर व एडिशनल एसपी सागर विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।

जंगल में चैन सिंह का ठिकाना, जहां वह रहता था। पुलिस ने यहीं से बड़ी मात्रा में डेटोनेटर बरामद किए

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