मध्य प्रदेश

पेयजल योजनाओं के कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं- कलेक्टर

कलेक्टर ने की जल जीवन मिशन के कार्यो की समीक्षा
रायसेन
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की बैठक में कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा जिले में जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यो की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक गांव के हर घर में नल से जल उपलब्ध कराना है। जल जीवन मिशन योजना के तहत किए जा रहे कार्यो में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्य समय सीमा में पूर्ण हों, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर दुबे ने समीक्षा के दौरान कहा कि जिन ग्रामों की डीपीआर तैयार नहीं है, उनकी डीपीआर शीघ्र तैयार कराई जाए। ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके। साथ ही प्रगतिरत योजनाओं की भी नियमित मॉनीटरिंग की जाए। कलेक्टर श्री दुबे ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कार्य संचालित हैं, वहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करें तथा उन्हें किए जा रहे कार्यो तथा प्रगति से अवगत कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में जल स्त्रोत नहीं हैं वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
बैठक में पीएचई विभाग के अधीक्षक यंत्री सुबोध जैन तथा कार्यपालन यंत्री सुश्री श्वेता औचट ने जानकारी दी कि जल जीवन मिशन के तहत सम्पूर्ण जिले में 30894.25 लाख रू लागत की 693 योजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 442 योजनाओं में कार्यादेश जारी कर दिया गया है। इनमें से 145 योजनाएं पूर्ण हो गई हैं, 228 योजनाएं प्रगतिरत हैं तथा 73 योजनाओं में निविदा संबंधी कार्यवाही की जा रही है। 68 योजनाएं अप्रारंभ है। इनके अतिरिक्त शेष योजनाओं में निविदा संबंधी कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार जल जीवन मिशन के तहत जिले में 82 पेयजल टंकी का निर्माण किया जाना है जिनमें से 33 टंकियों का कार्य पूर्ण हो गया है तथा 22 टंकियों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। शेष 27 टंकियों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा।
मिशन के तहत शालाओं तथा आंगनवाड़ियों में भी प्रदाय किया जा रहा है पेयजल
बैठक में जानकारी दी गई कि जल जीवन मिशन के तहत जिले के 1982 शाला परिसरों में से 1430 में पेयजल प्रदाय किया जा रहा है तथा 526 शालाओं में कार्य प्रगतिरत है। इनके अतिरिक्त 42 शालाओं में स्त्रोत अनुपलब्धता के कारण वैकल्पिक स्त्रोत पर काम किया जा रहा है। इसी प्रकार जिले में 700 आंगनवाड़ियों में से 532 आंगनवाड़ियों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल प्रदाय किया जा रहा है तथा 148 आंगनवाड़ियों में कार्य प्रगतिरत है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी तथा पीएचई विभाग के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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