Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 21 सितम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 21 सितम्बर 2023
21 सितम्बर 2023 दिन गुरुवार को भादपद मास के शुक्ल पक्ष कि षष्ठी तिथि है। आज लोलार्क षष्ठी व्रत है। आज वो दिन है, जिस दिन काशी के भदैनी में स्थित लोलार्क कुण्ड में स्नान करके स्वामी कार्तिकेय के दर्शन से ब्रह्महत्या जैसे पाप भी धूल जाते हैं। आज भगवान स्वामी कार्तिकेय के मन्दिर का पट वर्ष में एक बार खुलता है, जिसमें स्त्रियाँ भी स्वामी कार्तिकेय का दर्शन कर सकती हैं। वैसे दक्षिण भारत में यह नियम नहीं है, वहाँ तो सदैव ही स्वामी कार्तिकेय का मन्दिर खुला ही रहता है, फिर चाहे वो स्त्री हो या पुरुष। आज की षष्ठी को गुजरात में ललिता षष्ठी के नाम से मनाया जाता है। अनुराधा और ज्येष्ठा देवी का आवाहन और पूजन किया जाता है। आप सभी सनातनियों को लोलार्क षष्ठी व्रत की हार्दिक शुभकामनायेँ।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ अयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – भाद्रपद शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि 02:14 PM तक उपरांत सप्तमी
✏️ तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र स्कन्द कुमार है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अनुराधा 03:35 PM तक उपरांत ज्येष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है।
🔕 योग – प्रीति योग 01:44 AM तक, उसके बाद आयुष्मान योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 02:14 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 01:59 ए एम, सितम्बर 22 तक
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:27:47 AM
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:34:19 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:34 ए एम से 05:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:58 ए एम से 06:09 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:38 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:16 पी एम से 03:05 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:19 पी एम से 06:43 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:19 पी एम से 07:30 पी एम
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:09 ए एम से 03:35 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:51 पी एम से 12:38 ए एम, सितम्बर 22
❄️ रवि योग : 06:09 ए एम से 03:35 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को पीले वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – संतान सप्तमी व्रत/मुक्ताभरण सप्तमी, सूर्य षष्ठी, ज्येष्ठा गौरी आहवान दोपहर 03.34 तक, सोमनाथ व्रत (उड़ीसा), बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर जन्मोत्सव, भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी उच्छंगराय नवलशंकर ढेबर जयन्ती, राजू श्रीवास्तव पुण्य तिथि, विश्व अल्जाइमर दिवस, विश्व आभार दिवस, आर्मेनिया स्वतंत्रता दिवस, बेलीज स्वतंत्रता दिवस, माल्टा स्वतंत्रता दिवस, अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस (World Peace Day), मूल प्रारंभ
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
पूर्व-दक्षिण-पूर्व जोन में कामधेनु गाय रखने पर यह अंतर्द्वंद, दुःख और चिंताओं के लिए उत्तरदायी ऊर्जाओं को उत्पादक और फलदाई ऊर्जा में परिवर्तित करके आपकी इच्छाओं की पूर्ति में मदद करती है।
वास्तु के मत से बछड़े को दूध पिला रही गाय को घर में रखने से योग्य संतान प्राप्ति के योग बनते हैं। गाय के इस प्रतीक को दंपत्ति अपने बेडरूम में इस तरह रहें जिससे उनकी नज़र बार-बार इस पर पड़े।
प्रसिद्ध वास्तु ग्रन्थ समरांगण सूत्र के अनुसार, भवन निर्माण का शुभारम्भ करने से पूर्व उस भूमि पर ऐसी गाय को लेकर बांधना चाहिए जो सवत्सा यानी कि बछड़े वाली हो। नवजात बछड़े को गाय जब गाय दुलारकर चाटती है तो उसका फैन भूमि पर गिरकर उसे पवित्र बनाता है और वहां के समस्त दोषों का निवारण स्वतः ही हो जाता है।
जिन घरों में गाय की सेवा होती है। ऐसे घरों में सर्व बाधाओं और विघ्नों का निवारण हो जाता है। विष्णु पुराण के अनुसार जब श्री कृष्ण पूतना के दुग्धपान से डर गए तो नन्द दम्पति ने गाय की पूंछ घुमाकर उनकी नज़र उतारी और भय का निवारण किया।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
नेत्रज्योति की रक्षा हेतु प्रयोग
भोजन करने के बाद आँखों पर पानी छिडके तो ठीक है, नहीं तो अपनी गीली हथेलियाँ आँखों पर रखें तो भी नेत्र के रोग मिटते है | दोनों हथेलियाँ रगड़कर ‘ॐ ॐ ॐ मेरी आरोग्यशक्ति जगे, नेत्रज्योति जगे ….’ ऐसा करके आँखों पर रखने से भी आँखों की ज्योति बरकरार रहती है और आँखों के रोग मिटते हैं |
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
जकड़ाहट, आमवात, जोड़ों का दर्द आदि हो तो….
शरीर जकड़ा हुआ है, आमवात, जोड़ो का दर्द, घुटनों का दर्द आदि कि शिकायत ज्यादा है तो भोजन के समय 1 गिलास गुनगुना पानी रखो | उसमें अदरक के रस की 10-12 बुँदे डाल दो अथवा चौथाई ग्राम ( 1 चनाभर) सौंठ-चूर्ण मिला दो | भोजन के बीच-बीच में 2 -2 घूँट वह पानी पियो |
80 ग्राम लहसुन कि कलियाँ कूट के 100 ग्राम अरंडी के तेल में डाल दें और गर्म करें | कलियाँ जल जायें तो वह तेल उतार के रख लें | इससे घुटनों को, जोड़ों को मालिश करने से फायदा होता है |
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
रावण के पेशाब से बनी तालाब कहां पर बहती है
दरअसल एक बार रावण ने अपने भक्ति और तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया और उन्हें लंका ले जाने की जिद करने लगा। भगवान शिव ने कहा कि ठीक है। मैं तुम्हारे साथ चलूंगा लेकिन एक शिवलिंग के रूप में लेकिन अगर इस शिव लिंग को तुमने कहीं भी रखा। तो मैं वहीं स्थापित हो जाऊंगा। जिसके बाद रावण शिवलिंग लेकर लंका की ओर चल पड़ा।रावण को अपनी शक्ति पर गुमान था और वो शिवलिंग लेकर चल पड़ा। जिसके बाद सभी देवता घबरा कर विष्णु भगवान के पास पहुंचे और इस अनर्थ को रोकने के लिए प्रार्थना की। तब भगवान विष्णु ने रोकने के लिए बालक का रूप धारण करके उसके पास पहुंच गए और उसी समय रावण को बहुत जोरों से लघु शंका यानी बेताब लगाई तब रावण शिवलिंग को उस बालक को थमा दिया। रावण के पेट में गंगा समा गई थी। इसलिए वह काफी देर तक मूत्र विसर्जन करता रहा लेकिन बालक बने विष्णु जी ने शिवलिंग को भूमि पर रख दिया है और भगवान शिव वहीं शिव लिंग के रूप में स्थापित हो गए इसी शिवलिंग को आज बैद्यनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। इसी मंदिर के पास दो तालाब है एक में लोग स्नान करते है लेकिन दूसरे तालाब के पानी को कोई छुता तक नही। लोगो का ऐसा कहना है इस तालाब का निर्माण रावण के मूत्र से हुआ था महाकाल के इस चमत्कार के लिए एक लाइक करने के साथ कॉमेंट में जय महाकाल लिखना ना भूले जय महाकाल
❀꧁ 𓇽𝐻𝑎𝑟𝑒 𝐾𝑟𝑖𝑠ℎ𝑛𝑎𓇽꧂❀
⚜️ आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजनकरें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति केलिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा परबाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमनेका कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायेंमनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होताहै और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

