बस स्टैण्ड से अतिक्रमण हटाने कांप रहे अधिकारी, रसूखदारों से यारी, कमजोरों पर दिखा रहे कार्यवाही का डर
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । समाचार का शीर्षक पढ़कर चौकिये मत। ये पूरा माजरा उमरियापान के न्यू बस स्टैण्ड का है जहां पर बस स्टैण्ड के लिये आरक्षित जमीन पर रसूखदारों का कब्जा है। इस कब्जे को हटाने में प्रशासनिक अधिकारी कांप रहे है और जिनके द्वारा वास्तविक रूप से अतिक्रमण किया गया है उनको नोटिस न देकर आबादी में बने 25-30 वर्षों से रह रहे नागरिकों को नोटिस दे दिये गये है। प्रशासन की इस कार्यवाही से नागरिक हतप्रभ नजर आ रहे है और उन्होंने बताया कि इसके पहले उन्हें कभी नोटिस नहीं मिले। लिहाजा यह पहली बार है कि जिनके द्वारा बस स्टैण्ड की जमीन पर कब्जा किया गया है उनको बचाने के लिये हमको नोटिस दे दिये गये ।
उल्लेखनीय है कि ग्राम उमरियापान के खसरा नम्बर- 466/2 रकवा 2.059 हे. आबादी में दर्ज है जिसमें से तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा जिला जबलपुर
द्वारा कुल रकवा में से 0.416 हे. बस स्टैण्ड के लिये आरक्षित की गई है। भू-अभिलेख और राजस्व रिकार्डों में आज भी उक्त भूमि शासन के नाम दर्ज होकर बस स्टैण्ड के लिये आरक्षित है लेकिन उमरियापान की जनता का दुर्भाग्य है कि इतने समय बाद भी व्यवस्थित रूप से एक स्टैण्ड भी नहीं मिल पा रहा है। बस स्टैण्ड के लिये जो भूमि आरक्षित की गई है उसमें से आधे से भी ज्यादा स्थान पर अतिक्रमण है। हालांकि जब भी मामला उठता है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नोटिस का खेल शुरू कर दिया जाता है और उनके द्वारा यह कहा जाने लगता है कि नोटिस जारी कर दिये है, जवाब आ जाये फिर कार्यवाही करते है लेकिन हर बार न जाने किस दबाव के कारण अधिकारी अतिक्रमण हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते है। स्मरण रहे कि उक्त बस स्टैण्ड की अधारशिला वर्ष 1993 में रखी गई थी लेकिन स्थानीय नकारा नेताओं के कारण उक्त बस स्टैण्ड आज भी नही बन पाया है और न ही कभी स्थानीय नेताओं द्वारा इस संबंध में प्रमुखता के साथ आवाज उठाई गई। जानकारी यह भी लग रही है कि कुछ तथाकथित नेता भी इस मामले में संलिप्त है और उनके द्वारा मामले को निपटाने के भरसक प्रयास किये जा रहे है। जिसका खुलासा आगामी समय में किया जायेगा। वहीं जहां पर बस स्टैण्ड बनाना है वहां पर बनाया नहीं जा रहा उल्टा अधिकारी द्वारा उमरियापान से दो किलो मीटर दूर बम्हनी-मैहनेर के बीच में बनाया जाना प्रस्तावित किया जा रहा है और यदि प्रशासन अपनी इस मंशा पर सफल हो जाता है तो नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लिहाजा नागरिक हित एवं जहां पूर्व से बस स्टैण्ड बना है वहीं पर बने तो अच्छा होगा। चूंकि यहां से सभी जगह की बसें मिल जाती है।



