ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 27 अगस्त 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 27 अगस्त 2024
27 अगस्त 2024 दिन मंगलवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज वैष्णवों का कहीं कुछ जगहों पर कुछ लोगों का जन्माष्टमी व्रत भी मनाया जायेगा। आज की नवमी को गुग्गानवमी या गन्धर्व नवमी भी कहा जाता है। आज संत ज्ञानेश्वर जी की जन्म जयन्ती भी है और आज दूर्वाष्टमी व्रत भी है। आप सभी सनातनियों को “संत ज्ञानेश्वर जी की जन्म जयन्ती एवं दूर्वाष्टमी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_

☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌓 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 01:33 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रोहिणी 03:38 PM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी – रोहिणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा उसका विंशोतरी दशा का स्वामी ग्रह चंद्र है
⚜️ योग – हर्षण योग 08:31 PM तक, उसके बाद वज्र योग
प्रथम करण : तैतिल – 01:52 पी एम तक
द्वितीय करण : गर – 01:33 ए एम, अगस्त 28 तक वणिज
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:40:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:20:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:28 ए एम से 05:12 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:50 ए एम से 05:57 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:48 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:22 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:48 पी एम से 07:10 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:48 पी एम से 07:55 पी एम
💧 अमृत काल : 12:28 पी एम से 02:03 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:00 ए एम, अगस्त 28 से 12:45 ए एम, अगस्त 28
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-हनुमान मंदिर में शहद चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
❄️ पर्व एवं त्यौहार – गोगा नवमी/ गोपालकाला/ नंदगांव नंदोत्सव/ श्रमजीवी संघ स्थापना दिवस, अंतर्राष्ट्रीय लॉटरी दिवस, राष्ट्रीय केला प्रेमी दिवस, विश्व रॉक पेपर कैंची दिवस, डचेस हू वाज़ नॉट दिवस, राष्ट्रीय रस्साकशी दिवस, अंतर्राष्ट्रीय नरसंहार स्मरण दिवस, अंतर्राष्ट्रीय स्मारक दिवस, राष्ट्रीय आड़ू दिवस, अंतर्राष्ट्रीय डिज़ाइन दिवस, भारतीय पार्श्वगायक मुकेश स्मृति दिवस, राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗽 Vastu tips_
घर पर उल्लू की मूर्ति रखने के नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में उल्लू की मूर्ति या फोटो रखने के लिए पूजा घर या स्टडी रूम उचित स्थान होता है। यहां पर उल्लू की तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मकता का अनुभव होता है। साथ ही घर से बुरी नजर का साया दूर रहेगा। उल्लू की तस्वीर लगाने से घर में खुशहाली व सुख-समृद्धि आती है।
बहुत से लोग उल्लू को ऐसी जगह भी रख सकते हैं जहां से उल्लू की नजर घर के कोने कोने पर पड़ सके। अगर उल्लू की नजर दरवाजे की ओर हो, तो इसे शुभ माना जाता है।
घर या ऑफिस इस बात का ध्यान रखें कि, उल्लू को हमेशा अपने दाहिने ओर ही रखें। ऐसा करने से आपके कार्य में आने वाली सभी बाधाएं दूर होगी। साथ ही आर्थिक स्थिति स्थिति अच्छी होगी।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां
⚜️
कालसर्पयोग दूर करने का उपाय
कालसर्पयोग बड़ा दुःख देता है लेकिन सद गुरु – पूजन से, गुरु-ध्यान से, गुरुमंत्र के जप और सदगुरु के आदर से कालसर्पयोग चला जाता है | नहीं तो कितना भी पूजा-पाठ कराओ, हजारों रूपये खर्च करो और इससे कालसर्पयोग थोडा-बहुत कम हुआ भी हो तो भी थोड़ी तो समस्या बनी रहती है किंतु गुरुपूनम के दिन अथवा किसी भी दिन सदगुरु का मानसिक पूजन करके उनकी प्रदक्षिणा करे तो कालसर्पयोग का प्रभाव खत्म हो जाता है |
🍵 आरोग्य संजीवनी
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सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीने के तरीका
एलोवेरा जूस को आप किसी भी वक्त पी सकते हैं। लेकिन जो लोग सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीते हैं उन्हें काफी सिर्फ 1 ढक्कन जूस से ही काफी फायदा मिलता है। इसके लिए 1 ढक्कन एलोवेरा जूस को 2 ढक्कन गुनगुने पानी के साथ मिक्स कर लें। अब इसे पी लें। अगर आपको खाली पेट जूस पीने से एसिड बनता है तो आप नाश्ते के बाद या लंच से पहले भी इस जूस का सेवन कर सकते हैं।
क्यों पीना चाहिए एलोवेरा जूस?

एलोवेरा एक कांटेगार और जंगली पौधा होता है। आजकल ज्यादातर घरों में आपको एलोवेरा का पौधा आसानी से मिल जाएगा। मार्केट में एलोवेरा के कई तरह के प्रोडक्ट भी मिलते हैं। एलोवेरा जूस भी हमारी सेहत के लिए असरदार साबित होता। इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने तक कई बीमारियों में एलोवेरा का इस्तेमाल आयुर्वेद में किया जाता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
गोगा नवमी के विषय में एक कथा प्रचलित है जिसके अनुसार गोगा मारु देश के राजा थे और उनकी मां बाछला, गुरु गोरखनाथ जी की परम भक्त थीं। एक दिन बाबा गोरखनाथ अपने शिष्यों समेत बछाला के राज्य में आते हैं। रानी को जब इस बात का पता चलता हे तो वह बहुत प्रसन्न होती है। इधर बाबा गोरखनाथ अपने शिष्य सिद्ध धनेरिया को नगर में जाकर फेरी लगाने का आदेश देते हैं। गुरु का आदेश पाकर शिष्‍य नगर में भिक्षाटन करने के लिए निकल पड़ता है। भिक्षा मांगते हुए वह राजमहल में जा पहुंचता है तो रानी योगी बहुत सारा धन प्रदान करती हैं, लेकिन शिष्य वह लेने से मना कर देता है और थोडा़ सा अनाज मांगता है।
रानी अपने अहंकारवश उससे कहती है की राजमहल के गोदामों में तो आनाज का भंडार लगा हुआ है, तुम इस अनाज को किसमें ले जाना चाहोगे तो योगी शिष्य अपना भिक्षापात्र आगे बढ़ा देता है। आश्चर्यजनक रुप से सारा आनाज उसके भिक्षा पात्र में समा जाता है और राज्य का गोदाम खाली हो जाता है किंतु योगी का पात्र भरता ही नहीं। तब रानी उन योगीजन की शक्ति के समक्ष नतमस्तक हो जाती है और उनसे क्षमा याचना की गुहार लगाती है।
रानी योगी के समक्ष अपनी कोई संतान न होने का दुख बताती है। शिष्य योगी, रानी को अपने गुरु से मिलने को कहता है जिससे उसे पुत्र प्राप्ति का वरदान प्राप्त हो सकता है। यह बात सुनकर रानी अगली सुबह जब वह गुरु के आश्रम ‘गोगामेडी’ जाने को तैयार होती है, तभी उसकी बहन काछला वहां पहुंचकर उसका सारा भेद ले लेती है और गुरु गोरखनाथ के पास पहले पहुंचकर उससे फल ग्रहण कर लेती है।
परंतु जब रानी उनके पास फल के लिए जाती है तो गुरू गोरखनाथ सारा भेद जानने पर पुन: रानी को एक गुगल नामक फल प्रसाद के रूप में प्रदान करते हैं और आशिर्वाद देते हें कि उसका पुत्र वीर तथा नागों को वश में करने वाला तथा सिद्धों का शिरोमणि होगा। जन-जन के आराध्य एवं राजस्थान के लोक देवता कहे जाने वाले गोगाजी का जन्म गुरु गोरखनाथ के आशीर्वाद से हुआ था। गुगल फल के नाम से उस बालक का नाम गोगा रखा जाता है।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

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