भारतीय किसान संघ ने मनाई बलराम जयंती, किसानों की समस्याओं को लेकर दिया ज्ञापन
रिपोर्टर : राधेश्याम साहू
सिलवानी । मंगलवार को भारतीय किसान संघ इकाई सिलवानी ने बजरंग चौराहे पर श्री अनगढ़ हनुमान मंदिर प्रांगण में बलराम जयंती मनाई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम भगवान बलराम के छायाचित्र पर तिलक एवं माल्यार्पण कर आरती उतारी गई। इस दौरान किसान हितों की रक्षा का संकल्प लिया एवं भगवान बलराम के गुणों की चर्चा की।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र रावत ने कहा कि भगवान बलराम कृषि आराध्य देवता हैं और किसानों के आदर्श है। भारतीय किसान संघ की स्थापना 4 मार्च 1979 को राजस्थान के कोटा में हुई थी। इस दिन देश के 650 जनप्रतिनिधियों की प्रतिनिधि सभा में भारतीय किसान संघ की रीति-नीति और कार्य पद्धति के आयाम तय करने के बाद उसके सतत क्रियान्वयन के लिए ध्येय वाक्य, ध्वज, नारे, प्रेरणा स्त्रोत व्यक्तित्व को कुल देवता के रूप में स्वीकार करने पर गहरी चर्चा हुई।
भारतीय किसान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश रावत ने कहा कि संगठन की रीति-नीति में खेती करों और खेती ही करो का ध्येय वाक्य के साथ संगठन का राष्ट्रवादी और गैर राजनीतिक स्वरूप को दर्शाने के लिए कुलदेवता के रूप में एक व्यक्तित्व का चुनाव करना था। जिससे किसानों ने सर्वसम्मति से भगवान बलराम को कुलदेवता के रूप में अंगीकार किया।
कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात भारतीय किसान संघ सिलवानी इकाई द्वारा दस सूत्रीय ज्ञापन तहसील कार्यालय पहुँच कर कलेक्टर के नाम सिलवानी तहसीलदार रामजीलाल वर्मा को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ के कारण बर्बाद हुई फसलों का शीघ्र सर्वे सर्वे कराकर मुआवजा एवं बीमा हेतु कार्यवाही की जाए मूंग खरीदी केंद्रों पर काफी भ्रष्टाचार है अतः जांच शीघ्र कराई जाए एवं ज्ञापन की अन्य बिंदुओं पर अति शीघ्र ही निवारण किया जाए! कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र रावत जिला, ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश रावत, मोहन मुरारी रघुवंशी जनपद सदस्य, भारतीय किसान संघ मीडिया प्रभारी राधेश्याम साहू, संदीप रघुवंशी, सुरेश पटेल, राजेश कौरव एवं बड़ी संख्या में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित हुए!




