मध्य प्रदेश

वादा याद दिलाने के लिए गुरुजियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

गुरुजी संयुक्त मोर्चा संघ मप्र के साथ नारेबाजी करते हुए सीएम चौहान शिक्षा मंत्री के वादों को याद दिलाया
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
गुरुजी संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले आदर्श शिक्षक संघ गुरुजी मध्यप्रदेश के आव्हान पर एकजुटता दिखाते हुए रैली निकालते हुए गुरुजियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम कलेक्टर अरविंद दुबे को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गुरुजी संवर्ग के शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के आधार पर दिए जाने के लिए जो घोषणा की गई थी। उसे जल्द पूरा करने याद दिलाया। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला संयोजक ओंकार सिंह ठाकुर, गुरुजी राकेश अहिरवार, हेमलता शर्मा, मीडिया प्रभारी चतरसिंह प्रजापति, जिला संयोजक गौरीशंकर विश्वकर्मा, महेंद्रसिंह ठाकुर, राघवेंद्र सिंह रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में गुरुजी मौजूद रहे।
यह लिखा है ज्ञापन में ….
गुरुजी संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले गुरुजनों द्वारा रैली निकालकर आंदोलन किया गया। ज्ञापन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर अध्यापकों के आयोजित सम्मेलन में शिक्षा विभाग के साथ ही गुरुजी संवर्ग के शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता सूची में शामिल नहीं किया गया है। जबकि मुख्यमंत्री को कई बार शिक्षा मंत्री के जरिए अवगत भी कराया गया है। पूरे 4 साल गुजर जाने के बाद भी आज तक गुरुजी वरिष्ठता के आदेश नहीं हुए हैं। जो कि सरासर गलत वादा खिलाफी भी हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान 21 जनवरी 2018 के शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के आदेश कराने के बाद अपनी पूरी करें। वरिष्ठता के अभाव में गुरु जी को इस कमरतोड़ महंगाई के युग में घर में परिवार चलाना बड़ा मुश्किल हो रहा है। इसीलिए गुरुज़ियों को दो क्रमोन्नति की पात्रता होने के बावजूद मध्यप्रदेश शासन में एक भी क्रमोन्नति नहीं दिए। जो कि कर्मचारी और गुरुजी शिक्षकों के हितों का हनन है । मालूम हो कि वरिष्ठता की अनुशंसा डीपी दुबे कमेटी शिक्षाकर्मी गुरुजी और संविदा शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में संविलियन की प्रक्रिया वेतन निर्धारण के लिए गठित समिति ने भी कर दी है । तो फिर गुरुजियों के साथ सौतेला व्यवहार कैसा। पात्रता परीक्षा फेल हो जाने के बाद भी पर भी मध्यप्रदेश शासन वर्ष 2014 में संविदा संवर्ग में सम्मिलित कर दिया है। लेकिन वर्ष 2014 तक निर्धारित योग्यता अहर्ता12वीं पास ,डीएड डीएलडी पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश के अलग अलग जिलों में करीब 500 गुरुजी पदस्थ हैं। मौजूदा समय में उन्होंने योग्यता पूर्ण कर ली है ।लेकिन ₹3600 और ₹5000 के अति न्यूनतम पर पढ़ाई का काम कर रहे हैं। इसकी वजह से उनकी घरों की आर्थिक स्थिति कोई सुधार नहीं हो पाया है। गुरुजियों की मानसिक स्थिति भी हमेशा असंतुलित बनी रहती है ।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 30 सितंबर 2022 तक गुरुजियों की मांगों का समय पर निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन और अनिश्चित कालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।

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