मंत्री और विधायकों के झगड़े में अटकी उप पुलिस अधीक्षकों की तबादला सूची

रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
भोपाल । एसडीओपी और सीएसपी के एक ही संभाग और एक ही जगह के लिए नोटशीट बनी बवाल की वजह, हो रहे बवाल के कारण तबादला सूची में हो रही देरी। होल्ड किए जाने के बाद सूची विभाग को संशोधन करने के लिए दुबारा भेजी गई। निर्वाचन आयोग ने 31 जुलाई तक का दिया था समय। तबादले के लिए निर्वाचन द्वारा दिए गए आदेश की समय सीमा हुई समाप्त। भेजी गई नोट शीट में नेताओं द्वारा जताई गई आपत्ति, अपने लोगों का नाम सूची में शामिल नहीं होने से नाराजगी आई सामने। सूत्र बताते हैं कि कई विधायकों की नोट शीट को किया गया दरकिनार, प्रभारी मंत्री और मंत्री की नोटशीट के नामो को किया गया था सूची में शामिल, फाइनल तबादला सूची में शामिल कई अधिकारियों के नाम भी हुए लीक, लीक हुए नामों से भी मचा बवाल। हाल ही में जारी हुई आईपीएस, एएसपी और कई कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक की तबादला सूची के बाद अटकी डायरेक्ट डीएसपी रैंक की सूची, जारी हुई सूची के साथ यह भी होनी थी जारी। लेकिन मंत्री और विधायकों के आपसी विवाद के कारण यह सूची होल्ड की गई, 31 जुलाई को सूची जारी करने का अंतिम दिन था, लेकिन संशोधित होने के लिए यह सूची अब एक टेबल से दूसरे टेबल घूम रही है, ग्वालियर , सतना, रीवा, भोपाल, इंदौर, और जबलपुर संभाग में डायरेक्ट और कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षकों के नामों को लेकर हो रहा बवाल। इन जिलों के लिए विधायकों द्वारा भेजी गई थी नोटशीट, सूची में नहीं आए नोटशीट में भेजे गए नामों से हो रहा बवाल, संशोधित होने के बाद होगी सूची जारी।



