यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है, यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में फूल खिले हैं : सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी। अंचल के ग्राम कला पठा में सप्तदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री मानस एव भागवत रसाचार्य ने कथा का वाचन करते हुए कहा की यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है। यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में फूल खिले हैं। जब-जब कोई अपने गलत कर्मों से इस बगीचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तब-तब भगवान इस धरा पर अवतार लेकर सज्जनों का उद्धार और दुर्जनों का संहार करते हैं। समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि मानव हृदय ही संसार का सागर है। मनुष्य के अच्छे ओर बुरे विचार ही देवता और दानव के द्वारा किए जाने वाले मंथन हैं। कभी हमारे अंदर अच्छे विचारों का चिंतन होता है तो कभी बुरे विचारों का मंथन।श्री शास्त्री ने बताया कि जिसके अंदर का दानव जीत गया उसका जीवन दुख, परेशान और कष्ट से भरा होगा। जिसके अंदर का देवता जीता उसका जीवन सुख, संतुष्ट और भगवत प्रेम से भरा होगा। इसलिए हमेशा अपने विचारों पर पैनी नजर रखें।
मनुष्य के अच्छे और बुरे विचार ही देवता-दानव की ओर से किया जाने वाला मंथन। श्री शास्त्री ने कहा की युवाओं को ध्यान देना चाइए अपने धर्म के प्रति अडिग रहे, राष्ट्र और धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाए और युवा सोशल मीडिया का अधिक से अधिक उपयोग धर्म और सत्संग देश हित में करे भजन करे सत्संग करें युवा देश का भविष्य है।



