मध्य प्रदेश

रायसेन में नहीं चलता किसी का आदेश, संविदा बीएसी को नहीं मिले बीआरसीसी पद के प्रभार

कलेक्टर के चेंम्बर में फ़ाइल लंबित एक दो रोज में साइन के बाद जारी होंगे पद स्थापना के आदेश
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। 24 नवम्बर 2022 तक देना था बीआरसिओं को प्रभार, डीपीसी से मांग सकते हैं स्पष्टीकरण, जूनियर को बना रखा है कुछ जगहों पर ब्लॉक में बीआरसीसी। जिला शिक्षा केन्द्र रायसेन के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 7 बीआरसी के पद हैं। इनमें 5 बीआरसी पद संविदा पर नियुक्त किया जाना है।2 बीआरसी प्रतिनियुक्त पर तैनात किया जाना है। 2 बीएसी के पद भरे जाना है।
ये है पूरा मामला: राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस ने 16 नवम्बर को एक पत्र प्रदेश के समस्त कलेक्टरों का भेजा था, ऐसा पत्र रायसेन में भी आया था। इस पत्र पर पूरी कार्रवाई डीपीसी एसके उपाध्याय को करना थी। इसमें विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक एवं सहायक परियोजना समन्वयक के पदों की पूर्ति के लिए पूर्व से कार्यरत संविदा बीएसी को यथावत संविदा बीआरसीसी का प्रभार दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। जिले में 7 बीआरसीसी का प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होना थी और इसके तहत अलग-अलग ब्लॉकों में एक-एक बीआरसीसी बनना था। रायसेन जिले में भी 7 बीआरसी और 2 बीएसी के पद भरे जाएंगे। प्रदेश में दूसरी जगह संविदा बीएसी को संविदा बीआरसीसी न बनाए जाने का मामला इंदौर हाईकोर्ट में पहुंच गया था। जिसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि पूर्व में जो बीएसी हैं उनको बीआरसीसी का प्रभार दिया जाए। इस आदेश का पालन करने के लिए शासन ने अपने स्तर पर निर्णय लिया था।जिला नियुक्ति समिति की बैठक में अनुमोदन लेने की कार्रवाई प्रचलन में है।एसके उपाध्याय डीपीसी रायसेन
रायसेन. कक्षा एक से आठवीं तक की व्यवस्थाओं को देखने का जिम्मा डीपीसी के अधीन होता है।लेकिन राज्य शिक्षा केन्द्र के कमिश्नर ने हाल ही में संविदा पर कार्यरत बीआरसीसी (विकासखंड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक ) जो वर्तमान में संविदा बीएसी से हैं उनको संविदा बीआरसीसी का प्रभार दिए जाने का आदेश दिया। लेकिन अभी तक किसी भी संविदा बीएसी को संविदा बीआरसीसी पद का कार्यभार सौंपा। इस आदेश का शहर नहीं बल्कि जिलेभर में पंद्रह दिन बाद भी जिले में पालन नहीं हुआ। इससे लगता है कि राज्य शिक्षा केन्द्र के आदेश जिम्मेदार अधिकारी मानने को तैयार हैं। इतना ही नहीं इस आदेश के तहत 24 नवंबर 2022 तक बीआरसीसी का प्रभार दिया जाना था और इस आदेश का पालन न करने पर कार्रवाई नहीं किए जाने के संबंध में डीपीसी को बीते गुरुवार तक अपना स्पष्टीकरण देना था।वह भी नहीं भेजा, जबकि संविदा पर तैनात बीएसी (सहायक परियोजना समन्वयक ) जो योग्य हैं वे बीआरसीसी बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ये भी था कमिश्नर के आदेश में ……
राज्य शिक्षा केन्द्र के कमिश्नर ने अपने आदेश में यह भी लिखा था कि जिन संविदा बीआरसी को जिस स्थान पर पदस्थ किया था.यदि उस विकासखंड के बीआरसी के पद पर प्रतिनियुक्ति से पदस्थापना हो चुकी है तो ऐसी स्थिति में संबंधित जिले के अन्य विकासखंडों में रिक्त बीआरसीसी के पद पर इन संविदा बीएसी को बीआरसीसी का प्रभार दिया जाए। इस आदेश के पालन में डीपीसी को एक बैठक बुलाकर उसमें बीआरसीसी के नाम फायनल करना था, लेकिन उन्होंने बैठक बुलाना भी मुनासिब नहीं समझा।
जूनियर अधिकारी को दे दिया प्रभार :
सूत्रों ने बताया कि जिले में बीआरसीसी के प्रभार हैं, जिन पर संविदा पर तैनात बीएसी को बीआरसीसी बनना है। ब्लॉक में बीआरसीसी का पद जूनियर बीएसी को दे दिया है, जबकि इनकी जन शिक्षक के पद पर प्रतिनियुक्ति की थी। राज्य शासन के नियमानुसार एक बार प्रतिनियुक्ति पर पुन: प्रतिनियुक्ति का प्रावधान नहीं हैं।एक जूनियर बीएसी ने पुन: प्रतिनियुक्ति पा ली है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो तो सब सामने आ जाएगा।

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