खाद के लिए लाइन में लगे किसान की मौत : अचानक गिर पड़े, फिर नहीं उठे
बेटे ने पिता की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सीहोर । मध्य प्रदेश में खाद के लिए लाइन में लगे एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। किसान करीब 7 घंटे से लाइन में लगा था। तभी अचानक वही गिर पड़ा और फिर नहीं उठ सका।
मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह सीहोर जिले के ढाबला की सरकारी सोसायटी का है। किसान का रामखेड़ी गांव शिवनारायण मेवाड़ा था। वह किसान अपने गांव से दो किलोमीटर दूर ढाबला की सरकारी सोसायटी में खाद लेने गया था। जहां वह सुबह 8 बजे से दोपहर करीब ढाई बजे तक लाइन में लगा रहा। जिसके बाद उसे खाद के लिए पर्ची मिली। तभी वह अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे ने पिता की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार बताया। उसने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
मृतक किसान के बेटे माखनसिंह ने बताया कि पिताजी सुबह 8 बजे से करीब ढाई बजे तक लाइन में खड़े रहे। उन्हें पर्ची तो मिली, लेकिन खाद नहीं। वे वहीं पर खड़े-खड़े गिरे और शांत हो गए। वो चार दिन से खाद के लिए परेशान हो रहे थे। भूखे-प्यासे खाद के लिए लाइन में लगते थे। आज आएगी, कल आएगी कहकर हमें दिलासा देते रहते थे। हमारे पास 3 एकड़ जमीन है। पिता 6 बोरी खाद लेने गए थे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली।
इस संबंध में सोसायटी के दशरथ सिंह राजपूत ने बताया कि बुजुर्ग किसान खाद लेने आया था। उन्हें चार बोरी यूरिया का परमिट कार्ड दे दिया था। हमने साढ़े 10 बजे संस्था खोली थी, तब सभी के नाम लिखे थे। नंबर आने पर ढाई बजे खाद यूरिया की पर्ची दे दी गई थी। वे खाद लेने गोदाम पर जा रहे थे, तभी कहीं गिर गए। अब कैसे गिरे यह तो नहीं बता सकते।
वही कृषि विभाग के उपसंचालक केके पांडे ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित ढाबला में 18 नवंबर 2022 को रामाखेड़ी निवासी 65 साल के किसान शिवनारायण 15-20 मिनट समिति कार्यालय के पास चबूतरे पर बैठे रहे थे। इसके बाद उनकी 2-4 बोरी यूरिया मांग पर समिति के कर्मचारी ने उन्हें 4 बोरी का परमिट काट कर दे दिया। किसान शिवनारायण पर्ची लेकर समिति के गोदाम पर खाद लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में गोदाम से लगभग 100 से 200 मीटर की दूरी पर किसान को अटैक आने से वह गिर गए और उनकी मृत्यु हो गई।
केके पांडे का कहना है कि ढाबला समिति कार्यालय पर परमिट लेने के लिए 15 से 20 किसान उपस्थित थे। गोदाम पर खाद लेने वालों की संख्या 5-10 थी। उनका कहना है कि जिले में रासायनिक उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है रबी वर्ष 2022-23 के लिए वर्तमान में जिले में कुल यूरिया 2813, डीएपी 5052, एसएसपी 2902 एवं 1346 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। विपणन संघ के गोदाम में 1460 मीट्रिक टन यूरिया, 1892 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। इसी प्रकार 108 सहकारी समितियों में 478 मीट्रिक टन यूरिया, 2499 मीट्रिक टन डीएपी, 609 मीट्रिक टन एनपीके शेष है।




