मध्य प्रदेश

रेल्वे लाइन की रात्रि कालीन ड्यूटी पर लगे हुये ठेकेदारी के मजदूरों का 4 माह से वेतन अटका पड़ा

डीआरएम से वेतन प्रतिदिन पांच सौ रूपये निर्धारित, ठेकेदार दे रहें 350 रूपये फिर भी मजदूरी के पड़े लाले
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिले के पश्चिम मध्य रेल्वे अंतर्गत आने वाली अप डाउन ट्रैक रेल्वे लाइन में रात्रि कालीन पेट्रोलिंग पर ठेकेदारी से कार्य कर रहें 18 से 22 मजदूरों का वेतन नहीं होने से नाराज मजदूरो ने कार्य पर जाना किया बंद!
जबलपुर से डुंडी तक रेल्वे लाइन की देख रेख करने ग्रामीण इलाकों से मजदूरों के कार्य का भुगतान न होने से नाराज मजदूरों ने काम पर जाना किया बंद!
जबलपुर जिले के रेल्वे ठेकेदारी का मामला प्रकाश में आया है, मजदूरी न मिलने से नाराज मजदूरों ने काम पर जाना किया बंद – गोसलपुर स्टेशन से डुंडी स्टेशन तक ठेकेदारी पर रात्रि कालीन कार्य करने वाले पीड़ित मजदूरों ने मीडिया को जानकारी में बताया कि हम सभी 18 से 22 मजदूर गोसलपुर ग्रामीण के रहने वाले है हम लोगों ने जबलपुर ठेकेदार रजनीश जैन व सुपर वाइजर अनिल पटैल के अण्डार में रेल्वे लाइन देख रेख का कार्य रात्रि कालीन 11 बजे से सुबह 7 बजे तक डुंडी स्टेशन से गोसलपुर स्टेशन तक किये थे! जिसका 4 माह की मजदूरी का भुगतान आज तक नहीं किया गया। प्रतिदिन की मजदूरी ठेकेदार द्वारा 350 रूपये के हिसाब से दी जाती है पर डीआरएम से 500 रूपये मजदूरी निर्धारित है! उसके बाद भी हम मजदूरों को 4 महीने की मजदूरी ठेकेदार द्वारा अभी तक नहीं दी गई! इसको लेकर हम सभी ने कई बार सुपर वाइजर से मजदूरी देने की बात कही लेकिन वह टालते रहें! मजदूरी न मिलने के कारण इन मजदूरों ने कार्य पर जाना बंद कर दिया है!
मजदूरों ने ये भी बताया कि रेल्वे लाइन के रख रखाव को लेकर रात्रि में हम सभी गोसलपुर, सिहोरा, कुर्रे, छपरा, डुंडी स्टेशन तक कार्य किये है!
पीड़ित मजदूर नंद किशोर पटैल, देवकी नंदन, पवन दाहिया, श्रीराम कोरी, भरत पटैल, वीरेंद्र सिंह पटैल, संजू रावत के साथ अन्य मजदूर उपस्थिति रहें।
जबलपुर रेल्वे मंडल के उच्च अधिकारियो से मजदूरों ने मांग की है कि ठेकेदार रजनीश जैन व सुपर वाइजर अनिल पटैल से हम मजदूरों की मजदूरी देने की कार्य वाही कर हमें न्याय दिलाये।

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