वर्षों से सुमेर व खिरिया पुल की रेलिंग टूटी, जरा सी असावधानी बनती है दुर्घटना का कारण
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । वर्षों से सुमेर और खिरिया पुल की रेलिंग टूटी हुई डली़ हैं जिन पर कई बार दुर्घटनाएं घटित हो चुकी है। लेकिन एमपीआरडीसी के अधिकारियों द्वारा सुधार नहीं कराए जाने से हमेशा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
सुमेर पुल की ऊंचाई अधिक है पुल की रैलिंग से एक डंपर टकरा गया था और नीचे गिर कर झाड़ियों मैं रुक जाने के कारण ज्यादा नीचे गहराई में नहीं गिर पाया था जिसे गंभीर घटना टल गई थी । घटना के बावजूद एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने लापरवाही का परिचय दिया और बरसों के बाद आज तक पुल की रैलिंग में सुधार नहीं कराया गया है शायद एमपीआरडीसी के अधिकारी किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं।
यही स्थिति मानकी नाले के खिरिया पुल की भी है जिससे टकराकर एक ट्रक नीचे गिर गया था जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। उसके बाद दर्जनों बाइक सवार, चार पहिया वाहन उसमें गिर चुके हैं लेकिन आज तक टूटी हुई रेलिंग का सुधार नहीं कराए जाने से स्पष्ट होता है कि एमपीआरडीसी के अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति कितने लापरवाह है।
ऐसा नहीं है कि ओके दोनों की स्थिति उनकी नजरों में ना हो आए दिन ओवर ब्रिज पुल के चक्कर में अधिकारियों का आवागमन इस मार्ग पर होता है बावजूद इसके उक्त दोनों पुलों का सुधार नहीं कराया जाना लापरवाही को उजागर करता है।
क्षेत्र के किसान नेता जाहर सिंह लोधी का कहना है कि पुलों की रेलिंग के बारे में कई बार जिले के अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन आज तक उनका सुधार नहीं कराया गया है यदि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद अधिकारी जागे तो उनके जागने का क्या फायदा होगा।
एमपीआरडीसी के डिविजनल इंचार्ज डीके स्वर्णकार का कहना है कि बीना बांध के जलभराव से सड़क मार्ग बंद ना हो उसके लिए ओवरफ्लो ब्रिज के निर्माण मैं उक्त दोनों पुलों का सुधार हो जाएगा काम प्रगति पर है।



