मध्य प्रदेश

विवाहित पति को छाेड़ बनाया नकली पति, फिर बहन के बेटे के साथ बना लिए संबंध

बुरी तरह से उलझे पारिवािरक विवाद का विशेष बैठक में आपसी सहमति से हुआ राजीनामा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
दो बच्चों की मां एक विवाहिता, पति की प्रताड़ना का बहाना बनाकर रायसेन निवासी अपनी बहन के घर आकर रहने लगी। इसके बाद उसने अपने प्रेमी को बहन के घर बुलाकर अपना पति बना लिया। इतना ही नहीं इस महिला ने अपनी सगी बहन के बेटे के साथ भी अनैतिक संबंध बनाकर रिश्तों काे तारतार कर दिया, हालांकि बाद में पूरा मामला सामने आने पर बहन ने उसे घर से निकाल दिया। प्रकरण मंगलवार को परिवार परामार्श केन्द्र में पहुंचा तो सभी की आपसी सहमति से राजीनामा कराया गया।
गैरतगंज क्षेत्र निवासी माया (परिवर्तित नाम) ने अशोकनगर (जिला) निवासी एक युवक से प्रेम विवाह किया था, शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद माया के एक अन्य युवक से संबंध हो गए। पति को इस बात का पता चला ताे उनमें विवाद हाेने लगी। इसी वजह से माया ने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर उसे छोड़ दिया और रायसेन निवासी अपनी बड़ी बहन के घर दो बच्चों के साथ रहने लगी। कुछ समय बाद जिससे उसके संबंध थे, वह युवक बहन के घर आया और माया ने उसे अपनी बहन से खुद का पति बताकर मिलवाया। अब अक्सर उसक प्रेमी बहन के घर खुलेआम आकर उससे मिलने लगा। इस सब का खुलासा तब हुआ जब बहन ने अपने ही 15 साल के बेटे के साथ माया को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस बात से विवाद बढ़ा तो बहन ने माया को घर से निकाल दिया और बहन को उसके असली और नकली पति के बारे में भी पता चल गया। किसी तरह बहन ने माया के पति से संपर्क किया और उसे सारी बात की जानकारी दी, पति ने भी माया की सारी करतूतों के बारे में बहन को बताया। पता चला कि शादी से पहले भी उसकी इन्हीं हरकतों की बजह से मां-बाप परेशान थे, विवाह पूर्व ही अनैतिक संबंध के चलते उसका गर्भ ठहर गया था, जिसका गर्भपात कराया। माया के इस तरह के अनैतिक कृत्यों से तीन परिवार परेशान। एक तरफ उसके मां-बाप और भाई, माया की बहन और उसके पति का परिवार।
प्रकरण के लिए लगाई विशेष बैठक
मामला परिवार परामर्श केन्द्र में आने पर मंगलवार को सभी पक्षकार माया, उसका पति, बहन-बहनोई व माया का भाई परिवार परामर्श केन्द्र में पहुंच गए। रायसेन में होने वाले नपा चुनाव के चलते बैठक स्थगित कर दी गई थी, लेकिन दूर से आए सभी पक्षाकारों की समस्या को देखते हुए आकस्मिक विशेष बैठक बुलाई गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद माया की काउंसलिंग की गई। समझाइश के बाद माया ने अपनी सारी गलतियां मानते हुए उन्हें सुधारने का वचन दिया और अपने बच्चों को लेकर पति के साथ रहने की बात कही। पति ने भी समझाइश के बाद माया की पुरानी सभी गलतियों के लिए उसे माफ करते हुए उसे साथ रखने की सहमति दी, लेकिन उसने माया से वचन लिया कि आगे से वह अपने किसी पुराने प्रेमी से कोई संबंध नहीं रखेगी। सभी की रजामंदी से बुरी तरह से उलझे इस पारिवारिक विवाद का आपसी सहमति से राजीनामा कराया गया। परामर्श केंद्र की बैठक में एसडीओपी अदिति भावसार, अध्यक्ष कैलाश श्रीवास्तव, सलाहकार अशोक गुप्ता, चेतन राय, अनीता राजपूत, एएसआई अनिल वर्मा, आरक्षक लोकेंद्र मोर्य उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि एसपी विकास शहवाल के मार्गदर्शन में हर मंगलवार को एसडीओपी कार्यालय में परिवार परामर्श केंद्र की बैठक आयोजित की जाती है, जिसके माध्यम से परिवारिक विवादों को आपसी सहमति के सुलझाने का प्रयास किया जाता है।

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