ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरवार, 04 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 04 जुलाई 2024
04 जुलाई 2024 दिन गुरुवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष कि त्रयोदशी तिथि है। आज मासशिवरात्रि व्रत है। जिन भाइयों-बहनों को संतान नहीं है अथवा संतान नहीं हो रहा हो उन्हें आज अथवा प्रत्येक मासशिवरात्रि व्रत के दिन दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना करवाना चाहिए इससे निन्यानवे प्रतिशत तक उम्मीद होता है, की आपकी सुनी गोद भर जाय। आप सभी सनातनियों को “मासशिवरात्रि व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।_
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।*
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 05:54 AM तक उपरांत चतुर्दशी तिथि 04:58 AM तक उपरांत अमावस्या
📝 तिथि स्वामी – त्रयोदशी तिथि के देवता हैं त्रयोदशी और शिव। त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र म्रृगशीर्षा 03:54 AM तक उपरांत आद्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल होता है। इसका स्वामी ग्रह मंगल है, वहीं इसके देवता चंद्रमा हैं
⚜️ योग – गण्ड योग 06:59 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग 05:13 AM तक, उसके बाद ध्रुव योग
प्रथम करण : वणिज – 05:54 ए एम तक विष्टि – 05:23 पी एम तक
द्वितीय करण : शकुनि – 04:57 ए एम, जुलाई 05 तक चतुष्पाद
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:14:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:46:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:07 ए एम से 04:48 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:28 ए एम से 05:28 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:53 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:24 पी एम
💧 अमृत काल : 07:11 पी एम से 08:46 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जुलाई 05 से 12:46 ए एम, जुलाई 05
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शिवजी का अभिषेक कर पीले फल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/मास शिवरात्रि, स्वामी विवेकानन्द जयंती, अभिनेता सुनील कुमार जन्म दिवस, धर्म चक्र दिवस, भारत के भूतपूर्व कार्यकारी प्राधानमंत्री गुलज़ारीलाल नन्दा जन्म दिवस, राष्ट्रीय युवा दिवस, अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस (Americans Independence Day)
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
बेडरुम डिज़ाइन करते समय ध्यान रखने वाली बातें:
बेड के सामने शीशा या टेलीविजन नहीं होना चाहिए। इसका कारण यह है कि बेड पर सोते समय प्रतिबिंब नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे गृह क्लेश और झगड़े होते हैं।
बेडरूम की दीवारों को न्यूट्रल या हल्के रंगों से रंगना चाहिए, क्योंकि वे पॉजिटिव एनर्जी लाते हैं। दीवारें काली नहीं होनी चाहिए।
बेडरूम में मंदिर नहीं होना चाहिए।
बेडरूम में पानी या फव्वारे का चित्रण करने वाली पेंटिंग नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वे भावनात्मक हानि का कारण बन सकती हैं।
मूड लाइटिंग का उपयोग किया जाना चाहिए, और शांत माहौल बनाने के लिए सुगंधित अगरबत्तियों को जलाया जा सकता है।
🔏 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
एलोवेरा जूस के अद्भुत फ़ायदे :
एनर्जी बढ़ाए :
नियमित रूप से एलोवेरा जूस को पीने से एनर्जी आती है। एलोवेरा जूस में कई तरह के पोषण तत्व, विटामिन और मिनरल होते है जो बॉडी सिस्टम को सुधार होता है और उसे एनर्जी देते है। इसे पीने से शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता भी बढ़ जाती है। एलोवेरा के कांटेदार पत्तियों को छीलकर रस निकाला जाता है। 3 से 4 चम्मदच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में चुस्ती व स्फूर्ति बनी रहती है।
बालों और त्वचा की सुंदरता बढ़ाये :
एलोवेरा जूस के सेवन से त्वचा में निखार आने लगता है। इसके नियमित सेवन से आपकी त्वचा लंबे समय तक जवां और चमकदार लगती है। एलोवेरा का जूस पीने से त्वचा की खराबी, मुहांसे, रूखी त्वचा, धूप से झुलसी त्वचा, झुर्रियां, चेहरे के दाग धब्बों, आखों के काले घेरों को दूर किया जा सकता है। एलोवेरा जूस बालों के लिए भी फायदेमंद है। इसको पीने से बालों में चमक आती है, रूसी दूर हो जाती है और टेक्सचर भी अच्छा हो जाता है। एलोवेरा का जूस मेहंदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार व स्वस्थ्य होते हैं।
🍃 आरोग्य संजीवनी 🍁
लीवर को ठीक करने के घरेलू औषधियां:-
रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में थोड़ी सी हल्‍दी मिलाकर पी जाएं। हल्‍दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, यह एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करती है। यह हेपेटाइटिस बी, सी के वायरस को भी बढ़ने रोकती है।
भोजन से पहले एक गिलास पानी में एक चम्‍मच सेब का सिरका व एक चम्मच मधु मिलाकर सेवन करने से लीवर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। यह शरीर की चर्बी भी घटाता है।
लीवर को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन चार-पांच कच्‍चा आंवला खाना चाहिए। इसमें भरपूर विटामिन सी मिलता है जो लीवर के सुचारु संचलन में मदद करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
अपनी जाप माला को कैसे प्राण प्रतिष्ठा करें

जाप माला को प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जा सकता है:
शुद्धीकरण: सबसे पहले, अपनी जाप माला को गंगा पानी और पंचामृत से धो लें ताकि उसमें किसी भी प्रकार की दूषित ऊर्जा से रहित हो जाए।
प्राण प्रतिष्ठा मंत्र: अपनी जाप माला को प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए आप इसे शुद्ध आसन पर रखें और ध्यान में चले जाएँ। फिर उसे अपने दोनों हाथों के बीच में रखें और अपने दोनों हाथों को जोड़कर, प्राण प्रतिष्ठा मंत्र का जाप करें। आप अपने गुरु से या योग शास्त्र के जानकारीज्ञ से इस मंत्र की विशेष दिशा निर्देश प्राप्त कर सकते हैं।
प्राण प्रतिष्ठा: मंत्र के जाप के बाद, आपको अपनी जाप माला को अपने मन और शरीर के साथ जोड़ना होगा। आपको उसे अपनी प्राण शक्ति से चारों ओर से धारित करना होगा और उसमें अपनी ऊर्जा को स्थापित करना होगा। इस प्रक्रिया के दौरान, आपको जाप माला के हर बीज को एक वार मंत्र जाप करने वाद चूमना चाहिए और इस तरह 108 बार जाप में 108 बार चूमना चाहिए।
संकल्प: आपको अपने मन में एक संकल्प बनाना होगा कि आपकी जाप माला अब प्राण प्रतिष्ठित हो गई है और आप उसे अपने इष्ट देवता के लिए प्रयोग करेंगे।
इस प्रक्रिया के बाद, आपकी जाप माला प्राण प्रतिष्ठित हो जाएगी और आप उसे ध्यान, पूजा या जाप के लिए उपयोग कर सकेंगे। यहां ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आप अपने गुरु या ध्यान प्रकार के विशेषज्ञ की सलाह और गाइडेंस का आदान-प्रदान करें जिससे आपको आपकी प्राण प्रतिष्ठित जाप माला की सही प्रक्रिया का पता चल सके।
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼 🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।

Related Articles

Back to top button