शिव भक्ति से जीव सारे मनोरथ पूर्ण कर सकता है : महेश गुरुजी उज्जैन
रायसेन में शिवमंदिर पर लगा ताला खुलवाया जाए
भगवान शिव पार्वती विवाह उत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया गया
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी। सिलवानी अंचल के ग्राम पठा पौड़ी में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा के चतुर्थ दिवस महाकाल की नगरी उज्जैन से पधारे श्री महेश गुरूजी ने शिव महापुराण कथा का वाचन करते हुए बताया कि भगवान शिव ने कृपा करके अनेक मार्ग भक्तों के लिए बनाए हैं, जिनका आश्रय लेकर के इनका, अनुकरण करके भक्त आसानी से इस लोक में भी सुखी रह सकते हैं और भगवान के परमधाम को भी प्राप्त कर सकते हैं, भगवान शिव श्री शिव महापुराण में कहते हैं कि ओमकार का एक हजार बार जप करने से या दोनों समय सुबह और शाम एक, एक हजार नाम जप करने से भी जीव अपने सारे मनोरथ हों को पूर्ण करते हुए मेरे परमधाम को प्राप्त कर सकता है कोई भी शिवलिंग की पूजा करके वह बहरा गूँगा ही क्यों ना हो वह भी मुक्ति प्राप्त कर सकता है बिल वृक्ष पर जल चढ़ाकर के तीनों लोकों में जितने तीर्थ हैं उनके सेवन का जो फल है उसको प्राप्त कर सकता है । आगे रायसेन में शिवमंदिर पर लगा ताला पर भी की चर्चा करते हुए गुरुजी ने कहा कि प्रदेश की सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से निवेदन करते हुए रायसेन क़िले पर शिवमंदिर पर ताला लगा है। उसको खुला जाये जिससे उसमे पूजा अर्चना ठीक से होती रहे ये सनातन धर्म का गौरव काल चल रहा है इसमें भी मंदिरों के ताले नहीं खुले तो फिर कब खोले जाएँगे तथा सरकार से आग्रह है की गम्भीरता पूर्वक ध्यान दे रायसेन के क़िले पर शिवमंदिर का ताला खोले जाये महाराज श्री ने कथा सुनाते हुए कहा भगवान शिव ने करुणा करके अपने अश्रु बिंदुओं से रुद्राक्ष पैदा किए और अलग-अलग वर्ण के रुद्राक्ष सफेद, लाल, पीला और काला ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शुद्र इन वर्ण के रुद्राक्ष को धारण करके भगवान शिव की कृपा के पात्र हमेशा हमेशा के लिए कृपा पात्र बन जाते हैं और जिसने रुद्राक्ष धारण कर रखा है भूत प्रेत पिशाच एक कभी उसके समीप नहीं आते हैं साथ में पंचदेव जो हैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, सूर्य, दुर्गा गणेश रुद्राक्ष धारण करने वाले को देख कर के प्रसन्न होते हैं। रुद्राक्ष धारण करने से बहुत सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं और रुद्राक्ष धारण किए रहता है वह भगवान शिव के परमधाम को भी प्राप्त करता है रुद्राक्ष धारण करने से शरीर निरोगी भी रहता है खासकर के हृदय के रोग जो हैं और डायबिटीज अस्थमा डिप्रेशन बीमारियां है इनसे भी लड़ने की ताकत रुद्राक्ष धारण करने से प्राप्त होती है ऐसे भगवान शिव ने अनेक मार्ग प्रकट किए हैं जिससे जीव अपना कल्याण कर सके। गुरुवार को शिव महापुराण कथा में भगवान शिव पार्वती विवाह उत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया गया।
श्री महेश गुरु जी ने कहा कि विवाह वर्ण में ही करें,ये बच्चो को संस्कार दे, जो राष्ट्र के लिए सर्वोपरि है। और बच्चो को भी ध्यान रखना चाहिए, माता पिता जहां विवाह निश्चित कराए उसे धर्म का पालन करते हुए निभाए।




