शुभ संयोग में 26 से होगी शारदीय नवरात्र पर्व की शुरुआत : इस बार हाथी पर सवार होकर आ रहीं माता जगदंबे भवानी, पूरे नौ दिन होंगे धार्मिक आयोजन
नवरात्र में 5 दिन रवि, दो दिन सर्वार्थ सिद्धि योग
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। देवीय उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रि पर्व 26 सितंबर सोमवार से शुरू होने जा रहा है।जिसमें पूरे 9 दिनों तक व्रत रखकर माता भवानी की भक्ति में लीन रहेंगे माता के भक्त। इस साल मां जगदंबा हाथी पर सवार होकर भक्तों का कल्याण करने आएंगी। दुर्गा झांकी समितियों ने झांकी पंडाल बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।श्री हिन्दू उत्सव समिति रायसेन के अध्यक्ष पतिराम प्रजापति उनकी टीम ने बैठक आयोजित कर दुर्गा महोत्सव, दशहरे पर्व की भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।वहीं क्वांर नवरात्रि महोत्सव में शांति व्यवस्था बनाने की जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने तैयारियां प्रारंभ कर दी है।
शुभ योग कब-कब….
30 सितंबर को पंचमी तिथि होगी और इस दिन भी सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग में स्कंद माता की पूजा की जाएगी। स्कंद माता को स्वामी कार्तिकेय की माता कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त स्कंद माता की पूजा करते हैं। उनकी संतान को सदैव सुख और आरोग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही संतान के सभी कष्ट दूर होंगे। 2 अक्टूबर को सप्तमी को मां कालरात्रि की पूजा होगी। सप्तमी पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होगा।
29 सितंबर और 1 व 3 अक्टूबर को रवि योग : 29 सितंबर चतुर्थी के दिन और 1 व 3 अक्टूबर यानी षष्ठी और अष्टमी के दिन रवि योग लग रहा है। रवि योग का संबंध सूर्य से माना गया है और इसमें पूजा करने से आपके जीवन से सभी प्रकार के अंधकार दूर होते हैं। रवि योग में मां भगवती की पूजा आराधना श्रेष्ठ फलदायी मानी जाती है। इस बार रवि योग में मां कूष्मांडा, मां कात्यायनी और महागौरी की पूजा भक्तों के लिए परम फलदायी होने वाली है।
धर्मशास्त्री पण्डित ओमप्रकाश शुक्ला सौजना, पण्डित मुकेश भार्गव, पंडित राममोहन कृष्णमोहन चतुर्वेदी ने बताया कि इस साल घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 26 सितंबर 2022 को सुबह 9.44 बजे से 10.42 बजे तक, 11.24 बजे से 12.12 बजे दोपहर तक है। दोपहर में ही 12.12 बजे से 1.49 बजे तक और 1.50 बजे से 2.38 बजे तक का मुहुर्त है। इसके बाद गोधूलि मुहूर्त में 5.38 बजे से 6.02 बजे तक और 5.50 बजे से 7.02 बजे तक घटस्थापना की जाएगी।
इस बार नवरात्र कई शुभ संयोग…
इस बार शारदीय नवरात्रि में कई शुभ संयोग आएंगे से । नौ दिन में से पांच दिन रवि योग रहेगा, वहीं दो दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग भी है। नवरात्र के नौ दिन काफी शुभ माने गए हैं। इसमें किए गए कार्य पूर्णत सफल होते हैं। नवरात्र पर्व में खरीदारी करना भी अत्यंत शुभकारी है। इस बार नवरात्र की शुरुआत हस्त नक्षत्र, शुक्ल और श्रीवत्स योग में सोमवार को हो रही है। यह संयोग विशेष शुभकारी होते हैं। नवरात्र महोत्सव में भवन, भूमि, वाहन, आभूषण, वस्त्र सहित सभी जरूरी सामग्री की खरीदारी करना शुभता प्रदान करता है। इस बार नवरात्र में आ रहे कई सुखद संयोग विशेष फलदायी हैं।
सभी तिथियां पूर्ण है: शारदीय नवरात्र की शुरुआत 26 सितम्बर से हो रही है और समापन 5 अक्टूबर को दशहरे के त्यौहार साथ होगा। 4 अक्टूबर को नवमी की पूजा होगी। इस बार नवरात्र पूरे 9 दिन का होगा। नवरात्र की एक भी तिथि का क्षय नहीं होगा और दसवें दिन दशहरा पर्व मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि जब देवी भक्तों को पूरे दिन 9 दिन तक नवरात्र की पूजा करने को मिलती है तो यह मानव जाति के कल्याण की दृष्टि से बेहद उत्तम माना जाता है। इस वर्ष कलश स्थापना के लिए दिन भर का समय शुद्ध एवं प्रशस्त है। शारदीय नवरात्र में दुर्गा सप्तसती का पाठ करना मनु को सभी बाधाओं से दूर करता है। नवरात्र के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरुपों की पूजा-अर्चना की जाती है।
हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा: इस साल का शारदीय नवरात्रि खास है। क्योंकि जब नवरात्रि रविवार या सोमवार के दिन शुरू होती है तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। हाथी पर सवार होने से सर्वत्र सुख सम्पन्नता बढ़ेगी। विश्वभर में शांति के प्रयास सफल होंगे।



