श्रीमद्भागवत की कथा आत्म कल्याण के लिए अनिवार्य है : ब्रह्मचारी जी महाराज
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी । तहसील के ग्राम मुआर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ टेकरी धाम मंदिर पर 11 फरवरी शनिवार से हुआ। प्रथम दिवस कथा व्यास ब्रह्मचारी जी महाराज बापौली धाम ने, श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा बताते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा श्रवण करने से व्यक्ति का आत्म कल्याण होता है। हमारे जीवन में आत्म चेतना के जागरण के लिए, हमें श्रीमद् भागवत कथा का आश्रय लेकर, प्रभु की सन्निधि प्राप्त करने का जो शुभ अवसर है, वह इस पवित्र पुराण के माध्यम से प्राप्त होता है। यह भगवान विष्णु का साहित्यिक स्वरूप है, जो कि कलयुग में समस्त मानव जाति का कल्याण करने के लिए वेदव्यास जी ने समाज के लिए प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इसमें भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन, श्रवण करके मनुष्य अपने जीवन में, भक्ति का आश्रय लेकर मानव जीवन को धन्य कर सकता है। श्रीमद् भागवत कथा मोक्षदायिनी के साथ-साथ संसार और शरीर में रहते हुए परमात्मा के सानिध्य को जीवन काल में प्राप्त कर लेने का मार्ग प्रदान करने वाला, अद्भुत माध्यम है । इस कथा के द्वारा मनुष्य अपने कल्याण के साथ-साथ जीवन को धन्य भी करता है । आगे ब्रह्मचारी जी महाराज ने कहा महाराज परीक्षित ने अपने आत्म कल्याण के लिए मात्र एक सप्ताह में इसका आश्रय प्राप्त करके, स्वयं को मुक्त करने के लिए प्रस्तुत कर दिया था। श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा सर्वविदित है कि इसके माध्यम से सहजता में इस विराट कलयुग में श्रद्धा भाव से कोई भी व्यक्ति जीवन मुक्त हो सकता है।
भव्य शोभा यात्रा के साथ निकाली कलश यात्रा
ग्राम मुआर में श्री मद्भागवत कथा के प्रथम दिवस शनिवार को ग्रामवासियों द्वारा मुआर गांव से दो किलोमीटर दूर से भव्य जीप, मोटरसाइकिल, घोड़ों, ट्रेक्टरो के द्वार भव्य विशाला शोभा यात्रा निकाली गई।
शोभा यात्रा श्री खेड़ापति मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई, और महिलाए भजन का गायन करती हुई सिर पर कलश लेकर जा टेकरी मंदिर तक पहुंची जहा कलश यात्रा का विश्राम हुआ। जिसमें अनेक धर्मावलंबी, महानुभाव, ग्रामीण जन, माताएं बहिने उपस्थित रहे।




