देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । दमोह जिले का हटा चर्चित देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड के तीन साल बीत जाने के बाद भी फिलहाल मामले के आरोपियों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है बीते पिछले साल इस मामले से जुड़े नामजद आरोपी भानसिंह ने जमानत पाने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी जिस पर सुनवाई पूरी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले के नामजद आरोपी भानसिंह की जमानत याचिका निरस्त कर दी है दरसल 15 मार्च 2019 को हटा के कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरासिया की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी जिसमे भानसिंह भी नामजद आरोपी था इस मामले में पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पथरिया विधायक पति गोविंद सिंह की पूर्व की जमानतें निरस्त करने के आदेश जारी किए थे वहीँ पथरिया विधायक के देवर चंदू सिंह की भी ज़मानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया था अब मामले में इस आरोपी भानसिंह को सुप्रीम अदालत ने जमानत पर छोड़े जाने से इनकार कर दिया है मामले में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता वरुण सिंह व स्थानीय अधिवक्ता मनीष नगाइच ने बताया के सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया गया के यदि इस तरह के आरोपी को यदि जमानत का लाभ दिया जाता है तो समाज में अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे व इस आदेश के बाद उच्च न्यायालय भी अन्य आरोपियों को जमानत का लाभ दे सकता है वहीं आरोपी के दुर्दांत रवैए और आपराधिक कृत्य को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भानसिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है विधि मामलों के जानकारों का मानना है के इस तरह के सुप्रीम आदेश के बाद हाल फिलहाल उच्च न्यायालय भी अन्य आरोपियों को जमानत का लाभ देने में हाथ खींचेगा।



