मध्य प्रदेश

श्री मद्भागवत कथा श्रीकृष्ण का दूसरा रूप है : श्री सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री

पहले दिन भव्य कलश यात्रा के साथ शोभा यात्रा निकाली गई
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी। सिलवानी तहसील के ग्राम पठा कला (बीकलपुर) में सप्तदिवसी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त ग्रामवासियों द्वारा किया जा रहा है। दूसरे दिवस की कथा का वाचन करते हुए सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री मानस एव भागवत रसाचार्य ने कथा का वाचन करते हुए शुक देव चरित्र की कथा सुनाई। उन्हाेंने बताया कि भागवत कथा भगवान कृष्ण का दूसरा रूप है और इसके पठन-पाठन से मनुष्य को पापों से मुक्ति व सर्व सुखों की प्राप्ति होती है। यह श्रीकृष्ण का स्वरूप है।उन्होंने कहा कि बुद्धिमान व्यक्ति वही है, जो ज्ञान की हर बात को ग्रहण करे और अपने जीवन में अपनाए। महापुरुषों के प्रवचनों पर अमल करने से हमें परम सुख की प्राप्ति होती है, वहीं सत्य के मार्ग पर चलने की भी प्रेरणा मिलती है। भागवत कथा में दिए उपदेशों पर चलकर मनुष्य इस कलयुग में ईश्वर को प्राप्त कर सकता है। सात दिन चलने वाली वाली कथा का श्रद्धालुओं को मन से श्रवण करना चाहिए। कलियुग में श्रीमद् भागवत महापुराण श्रवण कल्पवृक्ष से भी बढ़कर है।क्योंकि कल्पवृक्ष मात्र तीन वस्तु अर्थ, धर्म और काम ही दे सकता है। मुक्ति और भक्ति नहीं दे सकता है। लेकिन श्रीमद् भागवत तो दिव्य कल्पतरु है यह अर्थ, धर्म, काम के साथ साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद प्राप्त कराता है।
समस्त ग्रामवासियों द्वारा ग्राम चंदनपिपरिया से ग्राम कला पठा तक ढोल डीजे कार,जीप से शोभा यात्रा निकाली गई एव खरापति माता मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई जहा महिलाए भजन का गायन करती हुई जा रही थी। एव सिर पर कलश रखे हुए।
आयोजक ग्रामवासियो ने समस्त धर्म प्रेमी बंधुओ से कथा श्रवण करने का आग्रह किया है।

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