सड़क निर्माण कंपनी की लापरवाही से नदी पर संकटजनता मांग रही थी गहरीकरण

कंपनी ने नदी में ही डाल दिया मलबानदी की गहराई घटने से जल संरक्षण और भूजल स्तर पर पड़ सकता है असरबरसात में निचले इलाकों में जलभराव का बढ़ा खतरा
रिपोर्टर : रीना विनोद मालवीय
गैरतगंज। क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रही कंपनी की कथित लापरवाही से स्थानीय नदी के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। जिस नदी के गहरीकरण और सफाई की मांग लंबे समय से क्षेत्रवासी कर रहे थे, उसी नदी में निर्माण कार्य से निकला मिट्टी-पत्थर का मलबा डाल दिया गया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी द्वारा बड़ी मात्रा में मलबा नदी में डाले जाने से उसकी गहराई लगातार कम हो रही है। इससे न केवल नदी की जलधारण क्षमता प्रभावित होगी, बल्कि क्षेत्र के भूजल स्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का गहरीकरण होने से वर्षाजल का बेहतर संचयन होता और जल संकट से राहत मिलती, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।विशेषज्ञों के अनुसार नदी के तल में मिट्टी और मलबा जमा होने से बरसात के दौरान जल प्रवाह बाधित हो सकता है। इसका परिणाम यह होगा कि नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों में फैलकर जलभराव की समस्या उत्पन्न कर सकता है। वहीं गर्मी के मौसम में नदी के शीघ्र सूखने की आशंका भी बढ़ जाएगी।क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले नदी में डाला गया पूरा मलबा हटाया जाए और नदी का गहरीकरण कराया जाए, ताकि जल संरक्षण के प्रयासों को नुकसान न पहुंचे और भविष्य में जल संकट तथा जलभराव जैसी समस्याओं से बचा जा सके।स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इसका खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है।
नगर परिषद ने कई बार इस की लिखित शिकायत कर चुके हैं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिनेश सिंघई अध्यक्ष नगर परिषद गैरगंज
हमने बीना बचाओ अभियान चला कर नदी को बड़ी मुश्किल से गहरा किया था पर निर्माण कंपनी से मालवा डालकर फिर पूर दिया। विनोद मालवीय बीना बचाओ अभियान
अगर ऐसे ही नदी का पूरा होता रहा तो होने वाले समय में हम किसानों के लिए पानी की बहुत परेशानी होगी
गगन गौर किसान
प्रशासन को कुछ दिनों के लिए नदी खोदने की परमिशन जनता को दे देना चाहिए इससे नदी का और गहरी हो जाएगी। राम माहेश्वरी बीना बचाओ अभियान



