क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू, 1 एकड़ में तीन लाख की आए
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । कम लागत में ज्यादा कमाई के लिए ग्राम बसिया के किसान दुर्गा प्रसाद लोधी ने सब्जी के गिरते दामों से परेशान होकर जमीन को बेहतर आमदनी का जरिया बनाया। परंपरागत खेती को पीछे छोड़ दुर्गा प्रसाद लोधी ने अपनी एक एकड़ की कृषि जमीन में स्ट्रॉबेरी की मिठास से अपनी कमाई को दोगुना कर लिया है। अब शहर के लोगों को भोपाल या सागर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा उन्हें क्षेत्र में ही स्ट्रॉबेरी उपलब्ध हो जाएगी वही किसान का कहना है कि क्षेत्र में सप्लाई के अलावा भोपाल में भी इसकी सप्लाई की जाएगी।
ग्राम बसिया में कृषक दुर्गा प्रसाद लोधी ने उन्नत किसान सुरेंद्र कुशवाहा की सलाह पर नई तकनीकी ड्रिप मल्चिंग पद्धति से स्ट्रॉबेरी की खेती एक एकड़ में शुरू की है। सब्जी की अपेक्षा स्ट्रॉबेरी की खेती में 2 गुना लाभ होना बताया जा रहा है।
कैसे करें स्ट्रॉबेरी की खेती:- स्ट्रॉबेरी लगाने से पहले, यह निर्धारित करने के लिए मिट्टी का परीक्षण करें कि मिट्टी और जलवायु स्ट्रॉबेरी के लिए उपयुक्त हैं या नहीं, इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र रायसेन के वैज्ञानिकों या कृषि विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
कैसे करे रोपाई:- स्ट्रॉबेरी लगाने के लिए सबसे पहले खेत में क्यारियां तैयार की जाती हैं उस पर मल्चिंग पेपर लगाकर ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था के बाद रासायनिक खाद के स्थान पर गोबर और वर्मीकम्पोस्ट का प्रयोग करने से स्ट्रॉबेरी की खेती में लागत कम आती है और उपज भरपूर मिलती है ।
दुर्गा प्रसाद लोधी ने बताया कि हर किसान चाहता है कि उसकी कमाई बढ़े, लेकिन ऐसा तभी मुमकिन है जब कुछ अलग तरीके की खेती की जाए, आज भी अधिकतर किसान गेहूं-धान-मक्का जैसी पारंपरिक खेती कर रहे हैं, ऐसी खेती में मुनाफा कम होता है, मेरी परेशानी को समझते हुए उन्नत किसान सुरेंद्र कुशवाहा ने उद्यान विभाग कृषि विभाग की योजनाओं की मुझे जानकारी दी और मैंने अपनी 1 एकड़ में सब्जी की खेती छोड़कर स्ट्रॉबेरी की खेती की है जिसमें 1 एकड़ पर मुझे 50 हजार का खर्चा आया है जिस प्रकार से उपज निकल रही है उससे मुझे उम्मीद है कि खर्च काटकर मुझे तीन लाख रुपए का फायदा होगा।



