Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 25 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 25 फरवरी 2023
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
।। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – पञ्चमी 04:56 AM बजे तक उपरान्त षष्ठी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – तिथि के स्वामी नाग देवता हैं। पंचमी तिथि को नाग देवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र – अश्विनी 07:41 AM तक उपरान्त भरणी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु होता है।नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार है।
🔊 योग – ब्रह्म 21:20 PM तक उपरान्त ऐन्द्र योग है।
⚡ प्रथम करण : कौलव – 12:19 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 12:20 ए एम, फरवरी 26 तक
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : शनिवार का (अशुभ) का काल 06:51 ए एम से 08:17 ए एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:18:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:42:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:10 ए एम से 06:01 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:35 ए एम से 06:51 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:15 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:16 पी एम से 06:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:18 पी एम से 07:33 पी एम
💧 अमृत काल : 11:04 पी एम से 12:43 ए एम, फरवरी 26
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 26 से 12:59 ए एम, फरवरी 26
🪷 त्रिपुष्कर योग : 03:59 ए एम, फरवरी 26 से 06:50 ए एम, फरवरी 26
❄️ रवियोग- आज देर रात 3 बजकर 59 मिनट तक
🤴🏻 ब्रह्म योग- आज शाम 5 बजकर 18 मिनट तक
☄️ भरणी नक्षत्र- आज देर रात 3 बजकर 59 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार – रवियोग/ रविशंकर व्यास जयंती, अभिनेता शाहिद कपूर जन्मोत्सव, समाज सुधारक मन्नत्तु पद्मनाभन पुण्यतिथि, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश हंस राज खन्ना, स्मृति दिवस, विद्वान राधाचरण गोस्वामी जन्मोत्सव, भारतीय अभिनेता शाहिद कपूर जन्म दिवस, राष्ट्रीय क्लैम चावडर दिवस, राष्ट्रीय पिस्तौल पेटेंट दिवस, मूल समाप्त
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवंसप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि केस्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथिशुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीयवृद्धि होती है।
🌷 Vastu tips 🌸
त्रिकोणाकार, यानी त्रिकोण के आकार की भूमि पुत्र की हानि कराने वाली होती है, गाडी के आकार की, यानी शकटाकार भूमि सुख की हानि कराने वाली होती है, बिजनेस, यानी हाथ के पंखे के समान भूमि धर्म की हानि कराती है।
जबकि मृदंगाकार, यानी मृदंग के आकार की और बांस की आकृति के समान भूमि वंश की हानि कराने वाली होती है। वहीं नदी के कटाव के पास की भूमि तथा आकार में टेढ़ी-मेढ़ी भूमि मंद बुद्धि या निरक्षरता को जन्म देती है। जिस भूमि में गड्ढा हो, वह झूठ को जन्म देती है। गड्ढे में गृह निर्माण करने से अनेक मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। वहीं चौराहे पर घर बनाने से कीर्ति का नाश होता है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बरकत लाने व सुखमय वातावरण बनाने हेतु
जिस घर में भगवान का, ब्रह्मवेत्ता संत का चित्र नहीं है वह घर स्मशान है | जिस घर में माँ-बाप, बुजुर्ग व बीमार का खयाल नहीं रखा जाता उस घर से लक्ष्मी रूठ जाती है |बिल्ली, बकरी व झाड़ू कि धूलि घर में आने से बरकत चली जाती है | गाय के खुर कि धूलि से, सुह्र्दयता से , ब्रह्मज्ञानी सत्पुरुष के सत्संग से घर का वातावरण स्वर्गमय, सुखमय, मुक्तिमय हो जाता है।
🥤 आरोग्य संजीवनी 🍶
जकड़ाहट, आमवात, जोड़ों का दर्द आदि हो तो….
शरीर जकड़ा हुआ है, आमवात, जोड़ो का दर्द, घुटनों का दर्द आदि कि शिकायत ज्यादा है तो भोजन के समय 1 गिलास गुनगुना पानी रखो | उसमें अदरक के रस की 10-12 बुँदे डाल दो अथवा चौथाई ग्राम ( 1 चनाभर) सौंठ-चूर्ण मिला दो | भोजन के बीच-बीच में 2- 2 घूँट वह पानी पियो |
80 ग्राम लहसुन कि कलियाँ कूट के 100 ग्राम अरंडी के तेल में डाल दें और गर्म करें | कलियाँ जल जायें तो वह तेल उतार के रख लें | इससे घुटनों को, जोड़ों को मालिश करने से फायदा होता है |
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
आचार्य श्री गोपी राम की ये नीतियां कई मुश्किल पलों में सही फैसला लेने में मददगार साबित होती हैं.हमने बच्चों को लेकर भी कुछ नीतियां बताई हैं जो कि उनके लिए बेहद ही महत्वपूर्ण हैं शास्त्र के अनुसार अगर आप अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल और सफल बनाना चाहते हैं तो उन्हें 2 चीजों से बिल्कुल दूर रखें. आइए जानते हैं बच्चों को लेकर शास्त्र नीति में क्या कहा गया है?
बच्चों को इन चीजों से रखें दूर हमारा कहना है कि बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं और इनको शुरुआत से ही जिस तरह संवारा जाता है यह वैसे ही बनते हैं. इसलिए मां बाप को ध्यान रखना चाहिए कि अपने बच्चों को हमेशा अच्छे संस्कार दें और उन्हें स्वावलंबी बनाएं. बच्चों को जागरुक बनाना और अपने कर्तव्य का पालन करना सिखाना चाहिए तभी वह एक योग्य संतान बनते हैं. इसलिए उन्हें दो चीजों से कोसों दूर रखना बेहद जरूरी है।
झूठ से रखें दूर आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी शास्त्र नीति में बताया है कि बच्चों को हमेशा सच बोलना सिखाएं. इसके लिए जरूरी है कि माता-पिता भी हमेशा सच ही बोलें. क्योंकि अगर आप माता-पिता बच्चों के सामने झूठ बोलेंगे तो बच्चे भी सीखेंगे. जिसकी वजह से उन्हें भविष्य में काफी परेशानी हो सकती है. आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार एक झूठ को सच साबित करने के लिए 100 बार झूठ का सहारा लेना पड़ता है. इसलिए अपने बच्चों को शुरुआत से ही सच बोलने के लिए प्रेरित करें।
आलस से बनाएं दूरी सफलता की राह में आलस सबसे बड़ी रुकावट है और इसकी वजह से कई महत्वपूर्ण कार्य असफल हो जाते हैं. इसलिए इस बात पर ध्यान दें कि आपके बच्चे में आलस न आए और इसके लिए उन्हें शुरुआत से ही परिश्रम करना सिखाएं. आलस मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है और सफलता में रुकावट है. यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे का भविष्य उज्जवल हो तो उसे मेहनत करने के लिए प्रेरित करें. सभी वह जीवन में सफल हो पाएगा।
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⚜️ यदि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चलरही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजनकरें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति केलिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा परबाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमनेका कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायेंमनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होताहै और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।


