सीईओ की तानाशाही से जनपद अध्यक्ष परेशान, अध्यक्ष का नहीं उठाते फोन, जनहितैशी कार्य ठप्प

एपीओ अजीत सिंह परिहार और दीपक रंहडाले की मनमानी भी चरम पर
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में वर्तमान के समय में जिस तरह की परिस्थतियों निर्मित हुई है शायद ही पहले ऐसा हुआ है। यह हम इसलिये कह रहे है कि जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा यजुर्वेन्द्र कोरी की मनमानी चरम पर है और उनके द्वारा अध्यक्ष तक का फोन नहीं उठाया जाता है, साथ ही विभागीय संबंधी कोई भी जानकारी अध्यक्ष को नहीं दी जाती है। सीईओ की कार्यप्रणाली से जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने रोष व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि ढीमरखेड़ा जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने बताया कि जब से सीईओ यजुर्वेन्द्र कोरी ढीमरखेड़ा जनपद में आये है तब से जनहित के कार्य प्रभावित रहे है साथ ही मेरे द्वारा यदि विभागीय जानकारी तलब की जाती है तो सीईओ के द्वारा उपलब्ध नहीं करवाई जाती और न ही जनपद अध्यक्ष का फोन उठाया जाता है। सीईओ की कार्यप्रणाली पर जनपद अध्यक्ष सुनीता दुबे ने हैरानी जताई है साथ ही उन्होंने कहा कि एक निर्वाचन प्रक्रिया के तहत चुने हुये जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का रवैया अपनाना ठीक नहीं है, चूंकि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है इसलिये जनहित की आवाज उठाना उनका अधिकार है। क्षेत्र की जनता के द्वारा मेरे से सवाल जवाब करती है। सीईओ के द्वारा जानकारी नहीं देने और फोन नहीं उठाने के कारण ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जमकर चल रही कमीशनखोरी
सूत्रों ने बताया कि ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में जमकर कमीशनखोरी चल रही है और हर काम का कमीशन फिक्स है बिना कमीशन के कोई संभव नहीं है, कमीशन न दिये जाने की स्थिति में अधिकारियों के द्वारा संबंधित कार्यों में कमी निकाली जाने लगती है और यदि कमीशन मिल जाये तो सब सही है। क्षेत्र में कई ऐसे कार्य है जो अपूर्ण है लेकिन कागजों में पूर्ण दर्शाकर राशि आहरित कर ली गई है। इस संबंध में कई बार ग्रामीणों के द्वारा शिकायत भी की जाती है लेकिन चूंकि साहब के हाथ स्वयं भ्रष्टाचार में रंगे है इसलिये उनके द्वारा जांच करने की हिमाकत नहीं की जाती है।
12 बजे होता है साहब का आगमन
सभी शासकीय विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों के आने का समय 10:30 बजे निर्धारित किया गया है लेकिन जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा यजुर्वेन्द्र कोरी के आने का समय अलग ही है। ये साहब जबलपुर से अराम फरमाते हुये 12 बजे कार्यालय पहुंचते है और कुछ समय पश्चात फिर जबलपुर के लिये इनकी गाड़ी प्रस्थान कर जाती है। इस संबंध में पूर्व में मीडिया के द्वारा इस मामले को उठाया गया बावजूद इसके आज दिनांक तक सीईओ की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं है। मनमाने ढंग से इनके द्वारा अपने दायित्वों का निर्वाहन किया जा रहा है। यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी अवि प्रसाद के द्वारा अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोडने संबंधी आदेश जारी किये गये थे बावजूद इसके सीईओ ढीमरखेड़ा के द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश की घोर अव्हेलना कर जबलपुर से ढीमरखेड़ा अपडाउन किया जा रहा है जिससे एक ओर तो विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे है तो वहीं दूसरी ओर जनहित के कार्य भी प्रभावित होकर ठप्प पड़े है। इस बात से जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा यजुर्वेन्द्र कोरी को किसी मतलब नहीं है।
पत्रकारों का फोन उठाने से परहेज
यहां पर यह सनद रहे कि जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा यजुर्वेन्द्र कोरी के द्वारा जहां एक ओर जनपद अध्यक्ष ढीमरखेड़ा सुनीता संतोष दुबे को विभागीय कार्यों की जानकारी देने में आनाकानी की जाकर, उनका फोन नहीं उठाया जाता। इसी इसी प्रकार यदि पत्रकारों के द्वारा सीईओ को फोन लगाया जाता है तो इन महोदय के द्वारा पत्रकारों का भी फोन नहीं उठाया जाता है। यह समझ से परे है कि इनके द्वारा ऐसा क्या किया जाता है। चूंकि जनपद का मुख्य कार्यपालन अधिकारी होने के नाते जो भी अनियमित्ता एवं कार्य हो रहे है उस पर निगरानी और जवाब देने की जिम्मेदारी भी सीईओ की होती है।



