स्कूलों को नोटिस जारी जिन्होंने वर्ष 2024-25 में 10 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई- कलेक्टर

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया राज्य सरकार ने नियम बनाये है कि यदि कोई स्कूल किसी पार्टिकुलर सत्र की फीस बढ़ता है, तो 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने पर उनको ऑटोमेटिक स्वीकृति मिल जाती है, उसमें कहीं किसी की अप्रूवल की जरूरत नहीं होती है। लेकिन यदि पिछले वर्ष फीस 10 प्रतिशत से ज्यादा और 15 प्रतिशत से कम बढ़ाई है, तो ऐसी स्थिति में जिला समिति की स्वीकृति उसमें आवश्यक होती है, जिला समिति के सामने प्रकरण रखा जाता है और स्कूल को यह बताना होता है फीसदी क्यों बढ़ाई है, ऐसे कौन से कारण थे कि फीस 10 प्रतिशत से ज्यादा और 15 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। यदि किसी स्कूल ने 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, तो ऐसी स्थिति में यह प्रकरण राज्य सरकार के सामने जाता है और इसमें जिला स्तर पर पूरे कारणों का, उनके आधारों को सुनवाई का अवसर देता हुए एकत्रित किया जाता है और फिर इसको राज्यस्तर पर भेजा जाता है1
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया आज से उन स्कूलों को नोटिस जारी करना प्रारंभ किया है जिन्होंने वर्ष 2024-25 के लिए 10 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है और उन स्कूलों को यह कहा है कि वह अपने फीस वृद्धि के आधार जिला समिति के पास स्पष्ट करें कि यह फीस किन परिस्थितियों में बढ़ानी पड़ी है, इसका मुख्य कारण क्या है और इसके लिए उनको दस्तावेज के साथ आने के लिए कहा गया है। यदि इसमें उनकी जानकारी संतोष प्रद नहीं होती है, तो नियमों के अनुसार वह फीस की राशि अभिभावकों को नियम और प्रक्रिया के अंतर्गत वापसी की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया जिन स्कूलों ने पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है उनके केसेस में स्कूलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, स्कूल उसके संबंध में पूरी जानकारी देंगे और वह जानकारी जिला स्तर से राज्यस्तर तक पहुंचाई जाएगी। राज्यस्तर पर जो सक्षम प्राधिकारी है वे इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेंगे।



