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05 फरवरी 2023 को माघ पूर्णिमा, जानें धन समृद्धि दायक शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
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🔮 05 फरवरी 2023 को माघ पूर्णिमा, जानें धन समृद्धि दायक शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस बार पर सर्वाद्ध सिद्ध योग, रवि पुष्य योग समेत कई शुभ योग इस पर पूर्णिमा तिथि का महत्व बढ़ा हैं। इस दिन प्रयागराज तट पर शुरू हुआ कल्पवास का व्रत भी खत्म हो जाएगा। आइए जानते हैं इस दिन का महत्व…
🥏 Highlights
♦️ माघ पूर्णिमा 5 फरवरी
♦️ माघ पूर्णिमा महत्व
♦️ माघ पूर्णिमा पर सर्वाद्ध सिद्ध और रवि पुष्य योग
♦️ माघ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त
♦️ माघ पूर्णिमा पूजा विधि
☀️ माघी पूर्णिमा
पंचांग और राशियों के अनुसार कर्क राशि में चंद्रमा और मकर राशि में सूर्य के प्रवेश होने से माघी पूर्णिमा का योग बनता है। नक्षत्रों में से माघ नक्षत्र के नाम पर माघी पूर्णिमा के नाम की उत्पत्ति हुई है। पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान की पूजा-उपासना की जाती है और अच्छे फल की प्राप्ति के लिए लोग व्रत भी रखते हैं। माघी पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा कही जाती है और धूप-दीप, तुलसी, पान, सुपारी रोली-मोली, तिल, दूर्वा से भगवान विष्णु की उपासना की जाती है।
✡️ 05 फरवरी को माघ पूर्णिमा, जानें धन समृद्धि दायक शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
माघ पूर्णिमा का पर्व 5 फरवरी दिन रविवार को है, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार, हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। माघ पूर्णिमा के अलावा इसे माघिन पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा भी कहते हैं। माघ पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई महायोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व भी बढ़ गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन देवी-देवता पृथ्वी लोक पर आते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। माघ पूर्णिमा पर प्रयागराज के तट पर शुरू हुआ कल्पवास का व्रत भी खत्म हो जाता है। इस दिन रविदास जयंती भी मनाई जाती है। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से माघ पूर्णिमा का महत्व, शुभ मुहूर्त और काम की जानकारी…
👉🏻 माघ पूर्णिमा का महत्व
माघ मास की पूर्णिमा में किए गए दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन वस्त्र, तिल, खाना, गुड़, धन, कंबल गौ आदि का दान करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और ईश्वर की कृपा बनी रहती है। साथ ही इस तिथि पर पितरों को तर्पण कर श्राद्ध भी किया जाता है। इस दिन किया गया स्नान सभी पाप और संताप का नाश करते हैं और सभी रोग दूर होते हैं। अगर पवित्र नदियों में जाना संभव नहीं है तो घर में ही मां गंगा का ध्यान करते हुए जल में गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं।
❄️ माघ पूर्णिमा पर शुभ मुहूर्त
माघ पूर्णिमा की तिथि 5 फरवरी, दिन शनिवार
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ – 4 फरवरी, शनिवार रात 9 बजे से 29 मिनट पर
पूर्णिमा तिथि का समापन – 5 फरवरी, रविवार रात 11 बजकर 58 मिनट होगा
उदिया तिथि के हिसाब से माघ पूर्णिमा 5 फरवरी दिन शनिवार को है।
पूर्णिमा स्नान मुहूर्त – 5 फरवरी, 5 बजकर 22 मिनट से 6 बजकर 17 मिनट तक।
🤷🏻‍♀️ माघ पूर्णिमा पर शुभ योग
माघ पूर्णिमा पर सर्वाद्ध सिद्ध जैसे महायोग के साथ रवि पुष्य योग और विजय मुहूर्त जैसे कई शुभ योग बन रहे हैं। इसके साथ ही आश्‍लेषा नक्षत्र में चंद्रमा, गुरु और शनि समेत तीनों ग्रह अपनी ही राशि में मौजूद होंगे। रविवार को जब पुष्‍य योग बनता है तो इसे रवि पुष्‍य योग कहते हैं। इन शुभ योग में स्नान करने व दान करने माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है और हर कार्य शुभ होता है। इसके साथ ही माघ पूर्णिमा पर आयुष्मान योग, वाशी योग, सुनफा योग भी बन रहे हैं, जो हर कार्य में सफलता दिलाते हैं और जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। माघ पूर्णिमा पर बन रहे ये शुभ योग आपको हर समस्या से मुक्ति दिलाते हैं।
⚛️ पूजा -विधि
🪶 इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का बहुत अधिक महत्व होता है।
🪶 आप नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान भी कर सकते हैं। नहाते समय सभी पावन नदियों का ध्यान कर लें।
🪶 नहाने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
🪶 अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।
🪶 सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
🪶 पूर्णिमा के पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना का विशेष महत्व होता है।
🪶 इस दिन विष्णु भगवान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना भी करें।
🪶 भगवान विष्णु को भोग लगाएं। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को भी शामिल करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
🪶 भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें।
🪶 इस पावन दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का अधिक से अधिक ध्यान करें।
🪶 पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
🪶 चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा की पूजा अवश्य करें।
🪶 चंद्रमा को अर्घ्य देने से दोषों से मुक्ति मिलती है।
🪶 इस दिन जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
🪶 अगर आपके घर के आसपास गाय है तो गाय को भोजन जरूर कराएं।
🪶 गाय को भोजन कराने से कई तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है।

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