मध्य प्रदेश

17 जून से स्कूल चलें हम: इस बार शुरूआत से टाइम-टेबल और पाठ्यक्रम का विभाजन कर स्कूलों में कराई जाएगी पढ़ाई, तैयारियां पूरी

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। जिले के सरकारी व निजी स्कूलों में 16 जून को ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म हो रहा है। 17 जून से नए शिक्षा सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। वर्तमान में कोरोना का संक्रमण समाप्त हो चुका है। नए शैक्षणिक सत्र को लेकर सरकारी व निजी स्कूलों में तैयारियां शुरू हो चुकी है।
दरअसल पहली बार ऐसा है जब कोरोना काल के दो साल बाद जिले के सरकारी व निजी स्कूल 17 जून से पूरी क्षमता के साथ खुल जाएंगे। स्कूलों में पढ़ाई के साथ ही कोविड के नियमों का पालन भी कराया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी उन्हीं शिक्षण संस्थानों में सामूहिक आयोजन कराए जाएंगे।
रायसेन जिले में कक्षा पहली से लेकर 12 वीं तक के 2080 स्कूल है। जिनमें पहले दिन प्रवेशोत्सव आचार संहिता को ध्यान में रखकर मनाया जाएगा। किसी भी जनप्रतिनिधि को स्कूलों में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। टीचर सिर्फ अपने स्तर पर ही प्रवेशोत्सव मनाएंगे। पहले दिन स्कूल आने वाले बच्चों का स्वागत किया जाएगा।
छात्रों को माथे पर तिलक लगाकर दिलाएंगे शाला में प्रवेश….
पहले दिन मनेगा प्रवेशोत्सव प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में 17 जून को प्रवेशोत्सव मनाया जाकर विशेष भोज का भी आयोजन भी होगा। नये शिक्षा सत्र की शुरूआत से ही स्कूल चलें हम अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें ऐसे बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा जो स्कूल छोड़ चुके हैं और शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाट बाजार, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और झुग्गी बस्तियों में रह रहे हैं।
जून से ही कठिन विषय की तैयारियों पर फोकस….
कक्षा 9 से 12 वीं क्लास तक शत प्रतिशत विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने का प्रयास होगा। प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण करने के साथ विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों का अभ्यास शुरुआत से ही विद्यार्थियों को कराया जाएगा। ताकि जून से पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई में कोई कठिनाई न हो। इस व्यवस्था से छात्रों में अध्ययन अध्यापन के प्रति निरंतरता बनी रहेगी।
इस संबंध में सीबी तिवारी, डीपीसी, रायसेन का कहना है कि पूरी क्षमता के साथ लगेंगे सभी स्कूल जिले भर के पहली से 12वीं कक्षा तक स्कूलों में 17 जून से नया शिक्षण सत्र शुरू हो रहा है। स्कूल खुलने से पहले उनकी साफ सफाई, पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश संस्था प्रभारियों को दिए गए हैं। शैक्षणिक बसत्र की शुरुआत से ही टाइम-टेबल व पाठ्यक्रम का विभाजन कर अध्यापन कार्य कराया जाएगा।

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