कक्षा में बच्चों के सामने गांजा फूंकते नजर आए शिक्षक
रिपोर्टर : शिवकुमार साहू
रायपुर, छत्तीसगढ़ । भारतीय संस्कृति में गुरु या शिक्षक को ऐसे प्रकाश के स्रोत के रूप में ग्रहण किया गया है जो ज्ञान की दीप्ति से अज्ञान के आवरण को दूर कर जीवन को सही मार्ग पर ले चलता है। इसीलिए उसका स्थान सर्वोपरि होता है। उसे ‘साक्षात परब्रह्म’ तक कहा गया है लेकिन छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ जिले से जो तस्वीर सामने आई है उसे देखकर आप भी सन्न रह जाएंगे । ये मामला ग्राम पंचायत जोल्ही के शासकीय प्राथमिक शाला का है, जहां स्कूल के अंदर बच्चों के सामने शिक्षक गांजा फूँक रहे थे। गाँव के कुछ जागरूक युवकों ने इस तस्वीर को अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर उसे वायरल कर दिया ।
प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने के शिक्षाकर्मियों को सातवां वेतनमान दिया गया । उनका वेतनमान आज 50 हजार प्रति माह से भी अधिक है लेकिन कुछ नशेबाज शिक्षकों के चलते पूरा शिक्षा जगत ही शर्मसार होता है । नशे में टुन्न होकर विद्यालय आने वाले शिक्षकों के बारे में खबरें तो आपने बहुत सुनी होगी लेकिन इस बार तो कक्षा में बच्चों के सामने ही गुरुजी गांजा पीते नजर आ रहे हैं ।
शिक्षा विभाग भी इनके सामने नतमस्तक हो जाता है । मामले को तूल पकड़ता देख उन्हें कुछ दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है लेकिन इससे नशेबाज शिक्षकों पर कोई खास असर नहीं पड़ता । अगर पड़ता तो इस तरह की खबरें कभी सामने नहीं आती ।



