28 अक्टूबर 2023: शरद पूर्णिमा के दिन लग रहा है चंद्र ग्रहण! जानिए ग्रहण का समय और सुतक काल
Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
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🔮 28 अक्टूबर 2023: शरद पूर्णिमा के दिन लग रहा है चंद्र ग्रहण! जानिए ग्रहण का समय और सुतक काल
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। इस साल शरद पूर्णिमा 28 अक्टूबर 2023, शनिवार को है। शरद पूर्णिमा पर इस साल चंद्र ग्रहण लग रहा है। चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि को ही लगता है। शरद पूर्णिमा को चांद की रोशनी में खीर रखने और लक्ष्मी पूजन का विधान है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन चांद की रोशनी में रखी गई खीर अमृत समान होती है। लेकिन ग्रहण लगने के कारण लोगों के मन में सवाल है कि आखिर शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन कैसे किया जाएगा और खीर चांद की रोशनी में कैसे रखें-
👉🏽 28 अक्टूबर को चंद्रग्रहण किस समय होगा अपने चरम पर, जानें शुरू होने का समय, सूतक काल व सबकुछ किस समय से शुरू होगा चंद्र ग्रहण: शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर की रात 01 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा और देर रात 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की अवधि 01 घंटा 16 मिनट की है। नौ घंटे पूर्व से सूतक काल शुरू होगा। ऐसे में सूतक 28 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा।
🤷🏻♀️ पूर्णिमा तिथि कब से कब तक: पूर्णिमा तिथि 28 अक्टूबर 2023 को सुबह 04 बजकर 17 मिनट पर प्रारंभ होगी और 29 अक्टूबर को सुबह 01 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी।
⏳ शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय टाइमिंग: शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय 28 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 20 मिनट पर होगा।
🌕 चंद्रमा की किरणों से होगी अमृत वर्षा या नहीं: शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगने के कारण लोगों के मन में सवाल है कि क्या चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होगी या नहीं। आपको बता दें कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है। इस दिन चंद्रमा से अमृत रूप किरण बरसने की मान्यता है, इसलिए इस दिन खीर को चांद की रोशनी में रखा जाता है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि खीर अगर ग्रहण से पहले बनाई जाएगी तो वह सूतक व ग्रहण काल में दूषित हो जाएगी। ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद खीर बनाकर उसे चंद्रमा की रोशनी में रखना उचित होगा।
👸🏻 शरद पूर्णिमा पर कैसे करें लक्ष्मी पूजन: शरद पूर्णिमा के दिन दोपहर 02 बजकर 52 मिनट से सूतक शुरू हो जाएगा। सूतक काल में मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन व चंद्र पूजन आधी रात बाद या जब ग्रहण समाप्त हो जाए तब करना उचित रहेगा।
💁🏻♀️ जानिए साल 2023 के आखिरी चंद्र ग्रहण की खास बातें
🫴🏼 1- साल 2023 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्तूबर 2023 को है।
🫴🏼 2- भारत में इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण रात 01 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा और 02 बजकर 22 मिनट पर खत्म होगा।
🫴🏼 3- इस चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।
🫴🏼 4- देश में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा इस कारण से इसका सूतक काल मान्य होगा।
🫴🏼 5- चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। सिलाई बुनाई का काम नहीं करना चाहिए। इस दौरान पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। घर में बैठकर आप भगवान के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।



