3 साल की बच्ची को बोरवेल से सुरक्षित निकाला : 35 फीट नीचे थी, 5 JCB गड्ढा खोदती रहीं, रस्सी से किया रेस्क्यू
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जताई खुशी
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
छतरपुर । एमपी के छतरपुर में 3 साल की एक बच्ची खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गई। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू के दौरान एक ओर जहां 5 JCB मशीनों से बोरवेल के बगल में गड्ढा खोदा गया, वहीं दूसरी ओर बोरवेल में रस्सी डालकर भी उसे निकालने की कोशिश की जा रही थी। आखिरकार ये कोशिश रंग लाई। बच्ची ने रस्सी को पकड़ लिया। उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचकर निकाल लिया गया।
3 साल की मासूम नैंसी बोरवेल के गड्ढे में करीब 35 फीट की गहराई पर अटकी थी। मामला छतरपुर के बिजावर थाना क्षेत्र के ललगुवां गांव का है।
घटना के समय खेत में काम कर रहे थे परिजन
गांव के लटोरिया परिवार के खेत में रवि विश्वकर्मा अपनी पत्नी रोहिणी व अन्य मजदूरों के साथ मटर बीनने का काम कर रहे थे। पास ही उनकी बेटी खेल रही थी। वहां एक बोर था जो चारे से ढंका हुआ था। तभी नैंसी रेत के ढेर पर खेलते-खेलते उसमें गिर गई। उसे गिरता देख पास काम कर रहे परिजन और मजदूर दौड़े।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बोरवेल में गिरी नैंसी की मां से फोन पर बात की है। बच्ची को सकुशल निकालने के बाद सीएम ने खुशी जताई है। उन्होंने ट्वीट किया है कि यह हम सबके लिए अत्यंत खुशी की बात है कि छतरपुर जिले के ललगुवां गांव में बोरवेल में गिरी बेटी को सकुशल निकाल लिया गया है। इसमें सहयोग करने वाले जिला प्रशासन के सभी साथियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
बेटी को सर्वोत्तम इलाज मिले, यह सुनिश्चित करने के जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। बेटी शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हो, यही प्रार्थना करता हूं।
बच्ची की मां के नहीं थम रहे थे आंसू
बच्ची के परिजन और ग्रामीण पूरे टाइम मौके पर डटे रहे। इस दौरान नैंसी की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। अधिकारी लगातार उसे ढांढस बंधाते रहे। भरोसा देते रहे कि बच्ची को जल्द ही सकुशल निकाल लिया जाएगा और आखिरकार बच्ची को सकुशल बचा लिया गया।





