80 लाख से अधिक की मूंग गायब, वेयरहाउस में मचा हड़कंप

1760 कट्टी मूंग रहस्यमय ढंग से गायब, मालिक और प्रबंधक एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
सिलवानी। नगर के सर्वोदय वेयरहाउस से करीब 80 लाख रुपए से अधिक मूल्य की मूंग की 1760 कट्टियां रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद वेयरहाउस प्रबंधक, बेअर हाउस मालिक और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि वेयरहाउस के ताले सुरक्षित मिले हैं और कहीं भी जबरन प्रवेश या चोरी के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को सैंपलिंग के लिए पहुंचे कर्मचारियों और प्रतिनिधियों ने स्टैक क्रमांक-1 एवं स्टैक क्रमांक-बी की जांच की, जहां से मूंग से भरी कुल 1760 कट्टियां गायब मिलीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार गायब मूंग की कीमत 80 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। मामले की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस को दी गई।
मध्यप्रदेश बेअरहाउसिंग एंड लाॅजिस्टिक्स काॅर्पोरेशन सिलवानी के प्रबंधक अवधेश गौर ने बताया कि स्टैक क्रमांक-1 में 880 बोरी तथा स्टैक क्रमांक-बी में भी 880 बोरी मूंग रखी गई थी, जो मौके पर नहीं मिली। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।
इधर, वेयरहाउस में रखी मूंग चोरी को लेकर दोनो पक्ष के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे है। दोनों पक्षों ने सिलवानी थाने में अलग-अलग आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
एसडीओपी कुंवर सिंह मुकाती ने बताया कि सर्वोदय वेयरहाउस में रखी मूंग गायब होने की शिकायत प्राप्त हुई है। वेयरहाउस के ताले सुरक्षित हैं और टूट-फूट के कोई निशान नहीं मिले हैं। वेयरहाउस मालिक और मध्यप्रदेश बेअरहाउसिंग एंड लाॅजिस्टिक्स काॅर्पोरेशन के प्रबंधक दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ताले सुरक्षित होने और बड़ी मात्रा में मूंग गायब होने से मामला सामान्य चोरी से अधिक किसी बड़े घोटाले या सुनियोजित गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है बेअर हाउस में किसी भी जिंस सरकार द्वारा रखा जाता है तो उस बेअर हाउस को डबल लाॅक किया जाता है। जिसमें एक लाॅक बेअर हाउस मालिक और दूसरा मध्यप्रदेश बेअरहाउसिंग एंड लाॅजिस्टिक्स काॅर्पोरेशन द्वारा लाॅक किया जाता है। और दोनो पक्षों की सहमति और उपस्थिति में ही दवा छिड़काब, रखरखाब, जिंस का उठाव किया जाता है। दोनो पक्षों लाॅक सुरक्षित होने के बाद फिर कैसे मूंग की चोरी हो गई। संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि दोनो पक्षों की सहमति से मूंग चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस की जांच में लगी हुई। देखना यह है कि वारदात का पर्दाफाश कब होगा ?



