मध्य प्रदेश

स्वच्छता अभियान के नाम पर की जा रही खानापूर्ति

सिलवानी। नगर में चारों तरफ यत्र तत्र कचरा पसरा रहता है। ऐसे में स्वच्छता रेटिंग में अव्वल आने के लिए नगर परिषद के प्रयास कितना रंग लाएंगे, यह तो वक्त ही बताएगा। स्वच्छता की रैटिंग में नंबर वन आने की होड़ में स्थानीय नगर परिषद द्वारा पानी की तरह रुपए खर्च किए जा रहे हैं। फिर भी धरातल पर साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है। ऐसे में स्वच्छता के नाम पर लोगों को जागरूक करने का नतीजा सिफर ही साबित हो रहा है।
स्वच्छता के नाम पर सिर्फ यहां खानापूर्ति
नगर परिषद अध्यक्ष सहित पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हुआ है, तबसे स्वच्छता के नाम पर सिर्फ यहां खानापूर्ति की जा रही है। साफ-सफाई करने वाले दर्जनों कर्मचारी जिनके ऊपर अब किसी की पाबंदी नहीं न ही किसी की आवाज उन तक पहुंच रही है, तभी तो मनमर्जी से सड़कों और नालियों की सफाई की जा रही है। कई नालियां तो ऐसी हैं जिनका गंदा पानी और मलबा ऐसे आवागमन वाले रास्तों पर बह रहा है। जहां से सुबह से शाम तक लोगों का आनाजाना बना रहता है। जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हुआ सड़कों और चैराहों पर गंदगी के अंबार दिखाई देने लगे। वार्ड नंबर तीन इंद्रिरा आवास मस्जिद के पास जैसे कई प्रमुख स्थान जहां की सड़कों पर नालियों का पानी बह रहा है। जिससे आसपास का वातावरण प्रदूषित बना रहता है। नगर के 15 वार्डों के हालात ऐसे हो गए हैं कि वार्डवासी स्वयं सड़कों और नालियों की साफ-सफाई करते देखे जाते हैं। वार्डवासियों की परेशानी यह है कि यह अब किससे शिकायत करें क्योंकि पार्षद का तो कार्यकाल खत्म हो चुका है।
इनका कहना है…
वार्ड क्रमांक तीन में जहां भी गंदगी है वहां सफाई कर्मचारियों को भेजकर सफाई कराई जाएगी।
रितु मेहरा, प्रभारी सीएमओ सिलवानी।

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