सोजनी धाम मंदिर में विराजे हनुमान जी के दर्शन करने बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
हर मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में पहुंचते है श्रद्धालु, होती है मनोकामना पूर्ण
श्री हनुमानजी की प्राकट्योत्सव पर विशेष
सिलवानी। इन दिनों सोजनी धाम स्थित हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं का आस्था का केन्द्र बना हुआ है। मंदिर में विराजमान हनुमान जी के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण हो रही है यही वजह है कि यहां पर हर मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सिलवानी नगर से 8 किलो मीटर सांइखेड़ा पंचायत स्थित सोजनी धाम में प्रति मंगलवार श्रद्धालुओं का तांता लगता है। ग्रामीणों के द्वारा यह हनुमान मंदिर करीब सौ साल पुराना बताया जा रहा है। हनुमान मंदिर में विराजमान भगवान हनुमान की मर्ति देखने में सामान्य लगती है। लेकिन यह प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां पर श्रद्धालु सच्चे मन से जो भी मन्नत मनोकामना मांगते है वह मनोकामना पूरी होती है। प्रति मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर हनुमान मंदिर में पवनपुत्र हनुमान की पूजा अर्चना कर भोग लगाते है। मंदिर के पीछे वाले दादाजी की मूर्ति भी स्थापित मंदिर भी बन हुआ है। सभी स्थानों की श्रद्धालुओं के द्वारा भक्ति भाव के साथ पूजा अर्चना की जाती है। साईखेड़ा के निवासी संतोष रघुवंशी बताते है कि लगभग सौ साल पूर्व सोजनीधाम में बरगद के पेड़ के नीचे हनुमानजी महराज की एक प्रतिमा विराजित थी। यह प्रतिमा कहां से आई इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। सांईखेड़ा गांव के देवेन्द्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि उनके पिता स्वार्गीय राम सिंह पटेल टोंगा वाले के द्वारा पुत्र प्राप्ति की मनोकामना सोजनी वाले हनुमान जी महराज से की गई थी। जिससे उनके यहां पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। पुत्र रत्न की प्राप्ति होने से मंदिर का निर्माण कराए जाने के साथ ही एक एकड़ भूमि भी मंदिर के लिए दान दी थी। इसी भूमि पर ही मंदिर सहित धर्मशाला बनाई गई है। मंगलवार और शनिवार के दिन सैकड़ों की संख्या में सिलवानी, सांईखेड़ा, बम्हौरी सहित आसपास से भी श्रद्धालु यहां आकर दर्शन कर रहे है। मंगलवार को यहां पर मेला जैसा दृश्य उत्पन्न बनता है। यहां पर प्रसाद के साथ ही महिलाओं के सौंदर्य सामग्री की दुकानों के साथ ही बच्चों के लिए खेल खिलौने की दुकानें भी लगती है।




