सगे भतीजे ने चाचा को उतारा मौत के घाट, चाची गंभीर रूप से घायल
रिश्ते का भतीजा ही निकला चाचा का कातिल
अंधेकत्ल का हुआ खुलासा, ग्राम अजीत नगर में एक सप्ताह पहले रात के समय पति-पत्नी पर हुआ था हमला,
पति की मौत होने के बाद गंभीर रुप से घायल पत्नी का भोपाल में चल रहा उपचार।
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। जिले के थाना सुल्तानपुर थाना अंतर्गत ग्राम अजीत नगर में बीते 13 और 14 अप्रेल की दरम्यिानी रात तके हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस प्रकरण में हत्या का आरोपी मृतक के रिश्ते का सगा भतीजा ही निकला है।
सुल्तानपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध भादवि की धारा 307, 302 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गौहरगंज उपजेल भेज दिया है।
सुल्तानपुर पुलिस के अनुसार आरोपी भतीजे द्वारा जादू टोने के शक के चलते अपने सगे चाचा और चाची पर कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला किया था। जिसमें चाचा की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी भोपाल अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। इस घटना के बाद इस मामले की जांच और आरोपी की धरपकड़ के लिए एसपी विकाश कुमार शाहवाल ने टीम गठित की। इसके थाना प्रभारी रंजीत सराठे
टीम के साथ जांच में जुट गए।
जांच में हुआ खुलासा
जांच के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि मृतक कमल सिंह उईके झाड़-फूंक में माहिर था। अजीत नगर में रहने वाले उसके रिश्तेदार भतीजे राजू उर्फ राजकुमार पिता पंचम सिंह आदिवासी उम्र 29 साल अपने चाचा पर गुनियाई करने का शक करता था। पुलिस द्वारा जब राजू उर्फ राजकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया ।फिलहाल जो कहानी उभर कर सामने आई वह इस प्रकार है।
ये कारण सामने आया।आरोपी राजू उर्फ राजकुमार ने पुलिस को बताया कि कमल सिंह उईके की झाड़.फूंक के कारण उसके दो भतीजे पैदा होते ही खत्म हो गए और उसके परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब रहने लगा। अपने रिश्ते के चाचा पर गुनियाई करने शक आरोपी के दिमाग परसिर चढ़ गया था। इसी बीच 13-14 अप्रेल की रात को आरोपी राजू के भाई की तबीयत अचानक खराब हुई। जिस कारण वह आवेश में आ गया और रात्रि में घर पर सो रहे दंपती कमल सिंह उसकी पत्नी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। तभी उसकी पत्नी गिरजा बाई नींद से जाग गई तब आरोपी ने उस पर भी वार किए और भाग गया। आरोपी द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के बाद राजू उर्फ राजकुमार से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी एवं खून में सने कपड़े जब्त कर लिए। इस मामले में थाना प्रभारी के साथ एसआई आशीष चौधरी, धनराज रघुवंशी, राधेश्याम रघुवंशी, राम बिहारी बघेल, बीरबल परते, देवेंद्र जादौन, आनंद शर्मा, अजय यादव, संतोष पाटील, प्रेम सिंह राजपूत का योगदान रहा। एसपी द्वारा पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई।



