अमरनाथ गुफा के पास फटा बादल,13 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सिलवानी के यात्री सुरक्षित, जारी किए हेल्पलाइन नंबर*
नईदिल्ली । अमरनाथ गुफा के पास बादल फटा है. एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने एबीपी न्यूज से कहा है कि हादसे में अब तक 13 लोगो की मौत हो चुकी है. वहीं कई लोग घायल हुए हैं. बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ एसडीआरपी और अन्य सहयोगी एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया है. मौके पर राहत बचाव का काम जारी है. तीर्थयात्रियों के कई टेंटों में नुकसान की भी खबर है. बताया जा रहा है कि आज शाम करीब 5:30 बजे बादल फटा है।
आईटीबीपी पीआरओ ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, बारिश अभी भी जारी है. खतरे के स्तर को देखते हुए क्षेत्र में पानी भर जाने के कारण अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.अगर मौसम सामान्य रहा और अस्थायी व्यवस्था की गई तो कल से यात्रा फिर से शुरू की जा सकती है. घायलों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है.
पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएम नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा, “अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से व्यथित हूं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना है. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की और स्थिति का जायजा लिया है. बचाव और राहत कार्य जारी है. प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ली जानकारी
इस हादसे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “बाबा अमरनाथ जी की गुफा के पास बादल फटने से आयी बाढ़ के संबंध में मैंने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर स्थिति की जानकारी ली है. एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगे हैं. लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है. सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूं।
पूर्व सीएम ने जताया दुख
जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा, “अमरनाथ गुफा के पास हुए दुखद बादल फटने की दुर्घटना के बारे में जानकर दुखी और स्तब्ध हूं. जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना है.” वहीं पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा, “अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बारे में सुनकर दुख हुआ. सभी के सुरक्षित निकलने के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।
लगातार हो रही थी बारिश
वहीं पहलगाम संयुक्त पुलिस नियंत्रण कक्ष की ओर से कहा गया कि अमरनाथ गुफा के निचले इलाकों में शाम करीब 5.30 बजे बादल फटने की सूचना मिली थी. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा बचाव कार्य जारी है. ITBP की ओर से कहा गया कि बचाव दल काम पर हैं. ITBP की टीमें अन्य एजेंसियों के साथ बचाव अभियान में हैं. कुछ लोगों के बहने की खबर है. सैलाब से कई लोगों को निकाला भी गया है. बताया जा रहा है कि यहां काफी समय से लगातार बारिश हो रही थी. जिसके बाद आज शाम बादल फट गया. बादल फटने के बाद सैलाब तीर्थयात्रियों के टेंटों के बीच से निकला।
30 जून से शुरू हुई थी अमरनाथ यात्रा
बता दें कि, अमरनाथ यात्रा पिछले दो वर्षों से कोरोना के कारण निलंबित थी. ये यात्रा इस साल बीती 30 जून से शुरू हुई है. 43 दिवसीय यात्रा 11 अगस्त को समाप्त होगी. इस वर्ष की यात्रा में लगभग तीन लाख तीर्थ यात्रियों के भाग लेने की संभावना है. इस यात्रा में अब तक 65,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं. वहीं मौसम खराब होने के कारण बीच में 2 से 3 दिन तक यात्रा को रोकना भी पड़ा है।
कितने लोग लापता, अभी नहीं कह सकते: ITBP
आईटीबीपी के पीआरओ विवेक पांडेय के मुताबिक, यहां मौजूद श्रद्धालुओं को पहले ही जानकारी दे दी गई थी कि वो वहां से चले जाएं क्योंकि अचानक तेज बारिश होने लगी थी. साथ ही यात्रा को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया था. जहां ये घटना हुई है, इसे लोअर होली केव बोलते हैं. बीते साल भी इसी तरह पानी आया था. इसलिए हमारे जवान पहले से ही अलर्ट पर थे.
उन्होंने बताया कि इलाके में कई टैंट बह गए. अभी जानकारी नहीं मिल पाई है कि कितने लोग लापता हैं. जानकारी के मुताबिक, पानी के बहाव के बीच में 30-40 टेंट आ गए थे. हम लोग स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. दरअसल नेटवर्क की भी दिक्कत सामने आ रही है।
वहां कितने लोग थे, इस पर आईटीबीपी के पीआरओ ने बताया कि यहां 80-100 टेंट थे, जिनमें 4-6 लोग हर टेंट में थे. उन्होंने बताया कि वही लोग इसकी जद में आए होंगे, जो संभल नहीं पाए होंगे. उन्हें पहले ही लाउडस्पीकर के द्वारा बता रहे थे कि वो कहीं और चले जाएं।
सिलवानी नगर से अमरनाथ यात्रा के लिए गए हुए भक्तों ने वीडियो जारी कर कहा हम सुरक्षित है आज यात्रा रोक दी गई है।
श्राइन बोर्ड ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
01123438252
01123438253
01942496240
01942313149
इन नंबरों से आप यात्रा पर गए हुए परिजनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं




