सद्गुरु कृपा से संदेह और भ्रम नष्ट होते हैं : धर्माधिकारी राजेंद्रप्रसाद शास्त्री
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
उदयपुरा । नर्मदा अंचल में चल रहे नित्य, सत्संग, सेवा, सिमरन कार्यक्रम अंतर्गत मानस यात्रा नगर के कालिका मंदिर पर पहुंची जहां पर आयोजक परिवार गोविंद मालवीय ने परिजनों सहित मानस प्रवक्ताओं का पुष्प मालाओं से स्वागत किया श्री रामचरित मानस विद्यापीठ द्वारा आयोजित सत्संग सभा मानस ग्रंथ पूजन एवं हनुमान चालीसा के सामूहिक गायन से शुभ आरंभ हुई । राजेंद्र प्रसाद शास्त्री ने किष्किंधा कांड के चल रहे प्रसंग में बताया कि व्यक्ति कई तरह के भ्रमों के जाल एवं संदेह में उलझा है सच्चा सतगुरु मिलने पर ही भ्रम एवं संदेह नष्ट होते हैं । मानस के प्रसंग वर्षा ऋतु वर्णन, शरद ऋतु वर्णन, श्रीराम की सुग्रीव पर नाराजी, लक्ष्मण जी का कोप आदि की रोचक व्याख्या नर्मदा प्रसाद रामायणी, देवव्रत राजोरिया, रामनारायण दीक्षित, योगेश पांडे, कैलाश दुबे, परमानंद मिश्रा सहित नरसिंहपुर जिले से पधारे लक्ष्मणप्रसाद पचौरी, रामभरोसे पटेल, कंछेदीलाल, कैलाश पटेल आदि ने अपनी रोचक शैली में प्रस्तुत की कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता चतुरनारायण रघुवंशी बताया कि आगामी रविवार को कार्यक्रम के प्रेरणा स्रोत स्वामी श्री नित्यानंद गिरी जी महाराज सत्संग में उपस्थित रहेंगे । मानस ग्रंथ आरती में पार्षद रंजीत खत्री, निरंजन सिंह राजपूत, हरदयाल भारके, भजनलाल भारके, मुकेश गोदानी ,अरुण कुमार उदैनिया, यात्रा प्रभारी प्रेमशंकर चंदेल, ओंकार सिंह पटेल, मुकेश गोदानी, सज्जन सिंह अधिवक्ता, राजकिशोर कौरव, फूलसिंह धाकड़, प्रभु दयाल खत्री, राम सिंह रघुवंशी, राजेश रजक, अतुल राय, रामचरण साहू, डीपी पाठक, एमपी रघुवंशी, राम कुमार सोनी, सुरेश सोनी, नर्मदा धाकड़, सहित विभिन्न ग्राम के राम अनुरागी श्रोताओं ने भाग लिया।


