मध्य प्रदेश

वृद्धों को भरण-पोषण के लिए संवैधानिक अधिकार एवं संरक्षण : न्यायाधीश असलम देहलवी

व्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । तहसील विधिक सेवा समिति अध्यक्ष एवं अपर सत्र न्यायाधीश केएस शाक्य के मार्गदर्शन में वृद्ध नागरिकों को भरण पोषण का अधिकार एवं संवैधानिक संरक्षण के संबंध में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन न्यायालय के सभागार में संपन्न हुआ।
शिविर की अध्यक्षता कर रहे प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट मो. असलम देहलवी ने 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन वृद्ध नागरिक विधिक सेवा सप्ताह के तहत आयोजित शिविर में बताया कि वृद्ध नागरिकों को अपने जीवनयापन के लिए संवैधानिक अधिकार एवं संरक्षण दिए गए हैं। जिसके अनुसार उन्हें अपना भरण पोषण कराने एवं सम्मान से जीने का अधिकार दिया गया है । किसी वृद्ध व्यक्ति अथवा महिला के पुत्र एवं पुत्री होने के पश्चात भी यदि उन्हें भरण पोषण की समस्या आती है तो कानूनी तौर पर ऐसे पुत्र एवं पुत्रियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने का अधिकार सरकार द्वारा दिया गया है। ऐसे व्यक्ति अपने क्षेत्र के संबंधित एसडीएम को आवेदन देकर अपने भरण पोषण एवं संरक्षण के संबंध में मदद मांग सकते हैं ।
उन्हें तत्काल इसमें मदद मिलेगी, यदि कोई संतान अपने माता – पिता को भरण पोषण एवं संरक्षण नहीं देगा तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई किए जाने का कानून में प्रावधान किया गया है । इसके अतिरिक्त निसंतान एवं बेसहारा वृद्धों को सरकार द्वारा वृद्धा पेंशन दिए जाने का भी प्रावधान है,यदि कोई कानूनी दांवपेच में मदद चाहता है, तो ऐसे वृद्धों को विधिक सेवा समिति द्वारा निशुल्क अधिवक्ता नियुक्त किए जाने का प्रावधान किया गया है । वह समिति को आवेदन कर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं ।

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