रायसेन के एतिहासिक किले पर पहुंचने के लिए लगेगा रोप वे सिस्टम, लोगो को अब दुर्गम रास्तों से नहीं पड़ेगा भटकना
अभी तक लोग 11 हजार मीटर की कठिन चढ़ाई कर पहुंचते थे किले ऊपर, मुख्यमंत्री ने किया लोगो का सपना पूरा
रिपोर्टर : सीएल गौर
रायसेन। विगत कई वर्षों से पर्यटक रायसेन के एतिहासिक किले के ऊपर 11 हजार मीटर की कठिन चढ़ाई कर ऊंची किला पहाड़ी पर दुर्गम रास्तों से होकर पहुंचते थे, जिन्हें किले के ऊपर जाने में पसीना बहाना पड़ता था परंतु अब रायसेन वासियों के लिए यह अच्छी खबर है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किले के ऊपर जाने के लिए जल्दी ही रोप वे सिस्टम लगाए जाने की घोषणा उनके द्वारा यहां आयोजित किए गए राज्य स्तरीय संबल योजना की शुरुआत अवसर पर उन्होंने पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए रोप वे की सौगात देकर एक बेहतर पहल की है जो कि सराहनीय है। किले के इतिहास की हम बात करे तो यह कई वर्ष पुरार्नी धरोहर है जिसे सहेजने भारत सरकार द्वारा पुरा तत्व विभाग की निगरानी में इसकी देख रेख़ हो रही है,इतना है नहीं किले सारा रखरखाव भी यही विभाग करता आ रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ किले के ऊपर अन्य सुविधाएं यहां आने वाले दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को मिले तो यहां की तस्वीर ही बदल जाएगी। सौंदर्यकरण की बात की जाए तो इस किले के उद्धार के लिए करोड़ों रुपए का बजट खर्च कर दिया गया है,इसके बाद भी इसकी वास्तविक दसा सुधारी नहीं जा सकी है। इसके अलावा इस रमणीक स्थल के लिए पर्यटन स्थल का दर्जा भी नहीं दिया गया है, जबकि यहां के नागरिकों ने इसके लिए कई बार मांग की है पर भारत सरकार हो या राज्य सरकार
किसी ने भी इस पुरानी धरोहर की ओर ध्यान ही नही दिया जिसके चलते रायसेन का किला अभी भी उपेक्षित दिखाई दे रहा है। अब देखना यह है कि रायसेन किले पर जाने के लिए तो मुख्यमंत्री चौहान ने रोप वे सिस्टम लगवाने की घोषणा कर दी है, यह कब तक लगेगा यह आगामी समय में ही पता चल सकेगा पर उन्होंने बेहतर पहल की है इसका आमजनता के लोग भी सम्मान कर रहे हैं।



