मध्य प्रदेश

जिले के आंदोलन के बीते 54 सप्ताह, आक्रोश का अंकुरित होता बीज

इसी सरकार से जिला का हक लेने लामबंद लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l
सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर विगत एक वर्ष से अधिक समय से चल रहा आंदोलन अपने 54 वें सप्ताह भी जारी रहा।शिवराज सरकार से अपना जिला का हक लेने के लिए लामबंद लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने घोषणा की कि शिवराज सरकार अपना अड़ियल रवैया त्यागे और सिहोरा को उसका हक अतिशीघ्र दे ।
मातृभूमि के लिए भी सोचे नेता:- लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने सिहोरा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सिहोरा आपकी मातृभूमि है,जन्मभूमि है राजनीति में अपना व्यक्तिगत हित साधने से समय निकाल कर सिहोरा के हक के लिए भी आगे आएँ। समिति ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के ठुलमुल रवैये के कारण आज तक सिहोरा जिला बन जाने के बाद भी आज जिला रूप में नही आ सका है।
अंकुरित हो रहा आक्रोश:- लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के विकास दुबे, मानस तिवारी ने कहा कि सिहोरा को जिला बनाने का आंदोलन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से चल रहा है और सिहोरावासी देख रहे है कि जिम्मेदार सत्तारूढ़ सरकार के सिहोरा के जनप्रतिनिधियों ने इससे अपनी दूरी बना रखी है । समिति द्वारा सार्वजनिक रुप से अनेकों बार आह्वान करने पर भी जिला के साथ खड़े नही हुए। सत्तारूढ़ सरकार के नेताओ के इस रवैये से वर्षो से कही जा रही इस बात को बल मिल रहा है कि सत्तारूढ़ सरकार के रहते सिहोरा जिला नही बन सकता। सिहोरा वासियो के मन मे अंकुरित हो रहा आक्रोश एक दिन सामने अवश्य आएगा।
सिहोरा के पुराने बस स्टैंड में आयोजित 54 वें धरने में समिति के सुशील जैन, अनिल क़ुररिया, सियोल जैन, रामलाल साहू, ललित दुबे, अमित बक्शी, नत्थू पटेल, जुगल, सुखदेव कौरव, रामजी शुक्ला, पन्नालाल झारिया सहित अनेक सिहोरावासी मौजूद रहे ।

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